{"_id":"5c817c2bbdec22141a4a077d","slug":"131551989803-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दागी हॉस्पिटल की रिपोर्ट डीएम को जाएगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दागी हॉस्पिटल की रिपोर्ट डीएम को जाएगी
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
थाना बन्ना देवी के पीछे एक हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही के बाद हुई शिकायत के संबंध में चल रही जांच में आरोपी हॉस्पिटल संचालक ने सीएमओ कार्यालय को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। जांच टीम ने रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी है, जिसके बाद रिपोर्ट को डीएम को सौंपने की कार्यवाही की जा रही है।
नगला मसानी के रहने वाले एक व्यक्ति को पेट में तकलीफ होने पर उन्हें थाना बन्ना देवी के पीछे एक हॉस्पिटल में दिखाया गया। यहां पर मरीज को आपरेशन कराने की सलाह दी गई। मरीज के परिवार ने 25 हजार रुपये जमा करके आपरेशन कराया। इसके बाद मरीज को घर ले गए।
कुछ दिनों बाद फिर से तकलीफ हुई तो हॉस्पिटल ने कोई तवज्जो नहीं दी। जिसके बाद मेडिकल कालेज में दिखाया गया। यहां पर मरीज के इलाज में लापरवाही की बात कही गई और उन्हें भर्ती किया गया।
विज्ञापन
मामले की शिकायत मरीज के बेटे ने सीएमओ से की, जिसके बाद सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी। सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल कहते हैं कि रिपोर्ट उनके पास आ गई है। उसके मुताबिक अनियमितताएं पाई गई हैं। यह रिपोर्ट जिलाधिकारी के पास जाएगी। वही आगे वैधानिक कार्यवाही करेंगे।
दूसरी ओर हास्पिटल संचालक का कहना है कि उनका शिकायकर्ता के साथ समझौता हो गया है। इसका शपथपत्र सीएमओ कार्यालय को दिया गया है, लेकिन विभाग के मुताबिक समझौता होने से शिकायत का स्टेटस समाप्त नहीं होता।
विज्ञापन
थाना बन्ना देवी के पीछे एक हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही के बाद हुई शिकायत के संबंध में चल रही जांच में आरोपी हॉस्पिटल संचालक ने सीएमओ कार्यालय को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। जांच टीम ने रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी है, जिसके बाद रिपोर्ट को डीएम को सौंपने की कार्यवाही की जा रही है।
नगला मसानी के रहने वाले एक व्यक्ति को पेट में तकलीफ होने पर उन्हें थाना बन्ना देवी के पीछे एक हॉस्पिटल में दिखाया गया। यहां पर मरीज को आपरेशन कराने की सलाह दी गई। मरीज के परिवार ने 25 हजार रुपये जमा करके आपरेशन कराया। इसके बाद मरीज को घर ले गए।
विज्ञापन
कुछ दिनों बाद फिर से तकलीफ हुई तो हॉस्पिटल ने कोई तवज्जो नहीं दी। जिसके बाद मेडिकल कालेज में दिखाया गया। यहां पर मरीज के इलाज में लापरवाही की बात कही गई और उन्हें भर्ती किया गया।
विज्ञापन
मामले की शिकायत मरीज के बेटे ने सीएमओ से की, जिसके बाद सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी। सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल कहते हैं कि रिपोर्ट उनके पास आ गई है। उसके मुताबिक अनियमितताएं पाई गई हैं। यह रिपोर्ट जिलाधिकारी के पास जाएगी। वही आगे वैधानिक कार्यवाही करेंगे।
दूसरी ओर हास्पिटल संचालक का कहना है कि उनका शिकायकर्ता के साथ समझौता हो गया है। इसका शपथपत्र सीएमओ कार्यालय को दिया गया है, लेकिन विभाग के मुताबिक समझौता होने से शिकायत का स्टेटस समाप्त नहीं होता।