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Zakir Hussain: फिर वाह ताज कहने से पहले अलविदा कह गए उस्ताद, 11 सीढ़ी पार्क में कार्यक्रम; जहां आ न सके
Mon, 16 Dec 2024 03:45 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 16 Dec 2024 03:45 PM IST
सार
Zakir Hussain Passes Away: विश्व विख्यात तबला वादक और पद्म विभूषण उस्ताद जाकिर हुसैन का आगरा में 11 सीढ़ी पार्क पर कार्यक्रम करने की बात चल रही थी। तबीयत खराब होने के कारण अगले साल आगरा आने का वादा किया था।
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उस्ताद जाकिर हुसैन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण के साथ तीन तीन बार विश्वविख्यात ग्रैमी अवार्ड से नवाजे गए उस्ताद जाकिर हुसैन ने विज्ञापन में ही वाह ताज... नहीं कहा, बल्कि ताजमहल उनके दिल में बसता था। वह 40 साल से आगरा और ताजमहल से जुड़े थे। रविवार 15 दिसंबर को भी वह आगरा में 11 सीढ़ी पार्क में प्रस्तावित कार्यक्रम में आने वाले थे, लेकिन बात बन नहीं पाई। ताज के साये में वह फिर से अपने तबले का जादू दिखाना चाहते थे, लेकिन उससे पहले ही अलविदा कह गए।
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पिछले 40 साल से अमेरिका से लेकर भारत तक उनके साथ कई कार्यक्रमों में जुड़े रहे आगरा के गजल गायक सुधीर नारायण उन्हें याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर को 11 सीढ़ी पार्क में ताजमहल के साए में वह कार्यक्रम करना चाहते थे। उस्ताद से तारीख की बात भी हो गई। लेकिन किसी वजह से यह संभव नहीं हो पाया। इस पर अगले साल आगरा आकर कार्यक्रम करने के लिए वह तैयार हुए थे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इनके निधन से संगीत जगत को भारी क्षति हुई है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकेगी।
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2019 में पत्नी के साथ निहारा था ताज
5 फरवरी 2019 को विश्वविख्यात तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन कथक नृत्यांगना अपनी पत्नी एंटोनियो मिनेकोला और उनकी दोस्त जूडी के साथ ताज का दीदार करने आये थे। इसके बाद आगरा किला और फतेहपुर सीकरी का भी भ्रमण किया। सीकरी में उन्होंने चादर भी चढ़ाई थी।
5 फरवरी 2019 को विश्वविख्यात तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन कथक नृत्यांगना अपनी पत्नी एंटोनियो मिनेकोला और उनकी दोस्त जूडी के साथ ताज का दीदार करने आये थे। इसके बाद आगरा किला और फतेहपुर सीकरी का भी भ्रमण किया। सीकरी में उन्होंने चादर भी चढ़ाई थी।
नेचर वॉक में उनका तबला बोला- राधे कृष्ण
विज्ञापन के जरिए ‘वाह ताज’ को दुनिया भर में लोकप्रिय कर देने वाले उस्ताद जाकिर हुसैन का तबला आगरा में आकर राधे कृष्णा बोलने लगा था। यह बात 15 जनवरी 2014 की है जब ताज नेचर वॉक में जश्न ए ताज नाम के कार्यक्रम में उस्ताद जाकिर हुसैन साहब तबले पर अपनी प्रस्तुति देने के लिए पहुंचे थे। हजारों लोगों ने पार्क में जमीन पर ही बैठकर इनके तबले की थाप सुनी। उनकी कला के हुनर को देखकर उस वक्त सब हैरान रह गए, जब तबला राधे कृष्ण बोलने लगा। तरह-तरह की आवाज में उस्ताद ने तबले पर थाप दी थी।
विज्ञापन के जरिए ‘वाह ताज’ को दुनिया भर में लोकप्रिय कर देने वाले उस्ताद जाकिर हुसैन का तबला आगरा में आकर राधे कृष्णा बोलने लगा था। यह बात 15 जनवरी 2014 की है जब ताज नेचर वॉक में जश्न ए ताज नाम के कार्यक्रम में उस्ताद जाकिर हुसैन साहब तबले पर अपनी प्रस्तुति देने के लिए पहुंचे थे। हजारों लोगों ने पार्क में जमीन पर ही बैठकर इनके तबले की थाप सुनी। उनकी कला के हुनर को देखकर उस वक्त सब हैरान रह गए, जब तबला राधे कृष्ण बोलने लगा। तरह-तरह की आवाज में उस्ताद ने तबले पर थाप दी थी।
आईटीसी के संगीत सम्मेलन में हर साल आए
उस्ताद जाकिर हुसैन का ताजमहल से लगाव इस कदर रहा कि आईटीसी ग्रुप ने आगरा में 1980 के दशक में जब भी संगीत सम्मेलन किया, वह हर साल इसमें अपनी प्रस्तुति देने के लिए मुगल होटल आते रहे। यह दौर 1992 तक चला।
उस्ताद जाकिर हुसैन का ताजमहल से लगाव इस कदर रहा कि आईटीसी ग्रुप ने आगरा में 1980 के दशक में जब भी संगीत सम्मेलन किया, वह हर साल इसमें अपनी प्रस्तुति देने के लिए मुगल होटल आते रहे। यह दौर 1992 तक चला।