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पांच साल में छह गुनी हुई योगेंद्र उपाध्याय की आय
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Thu, 19 Jan 2017 11:57 PM IST
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योगेंद्र उपाध्याय के रूप में सिर्फ एक ही नामांकन पत्र दाखिल हुआ
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक योगेंद्र उपाध्याय की आय पिछले पांच साल में छह गुनी हो गई है। इस अवधि में कुल धनराशि भी दो गुने से अधिक हो गई है। उनकी पत्नी और बेटों की आय में भी अच्छीखासी बढ़ोतरी हुई है। ये अलग बात है कि इन सबके बावजूद वह और उनका पूरा परिवार आज भी वर्षों पुरानी वैगनआर कार से चल रहा है।
विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के तीसरे दिन योगेंद्र उपाध्याय के रूप में सिर्फ एक ही नामांकन पत्र दाखिल हुआ। वह इस बार भी दक्षिण विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी हैं। विधायक ने जो शपथ पत्र जमा किए हैं, उनके अनुसार, उनकी आय में काफी बढ़ोतरी हुई है। 2012 में उन्होंने जो शपथ पत्र दाखिल किए थे, उसके अनुसार उनकी वार्षिक आय 1,56,060 रुपये थी। विधायक बनने के बाद 2017 में बढ़कर यह 9,30,873 रुपये हो गई। पहली बार विधायक बनने से पहले उनके पास 1,80,000 रुपये थे, जो बढ़कर पांच लाख हो गए हैं।
बैंकों में जमा राशि, शेयर, बीमा पॉलिसी, ज्वेलरी सहित कुल धनराशि (सकल कुल मूल्य) 22,79,102 रुपये से बढ़कर 51,03,985 रुपये हो गई है। 2012 में उनके पास दो सौ ग्राम सोना था, अब तीन सौ ग्राम है। पत्नी प्रीति उपाध्याय के पास 15 लाख रुपये के गहने हैं। उनके बेटों वात्सल्य और अलौकिक के पास ढाई-ढाई लाख रुपये की ज्वेलरी है। विधायक बनने से पहले योगेंद्र उपाध्याय के बेटे अलौकिक की आय कुछ नहीं थी। तब उनके पास कुल धनराशि (सकल कुल मूल्य) 6,38,000 रुपये थी। शपथ पत्र के अनुसार, अब 2,86,090 रुपये आय हो गई है। ऐसे में उनकी धनराशि 8,33,072 रुपये हो गई है। वहीं, उनके पास 45 लाख रुपये कीमत का पुश्तैनी मकान है। उनके अलावा गुरुवार को 29 दावेदारों ने विभिन्न विधानसभा सीटों से नामांकन पत्र लिए। इसमें सबसे ज्यादा फतेहाबाद सीट से आठ उम्मीदवारों ने फार्म लिया।
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विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के तीसरे दिन योगेंद्र उपाध्याय के रूप में सिर्फ एक ही नामांकन पत्र दाखिल हुआ। वह इस बार भी दक्षिण विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी हैं। विधायक ने जो शपथ पत्र जमा किए हैं, उनके अनुसार, उनकी आय में काफी बढ़ोतरी हुई है। 2012 में उन्होंने जो शपथ पत्र दाखिल किए थे, उसके अनुसार उनकी वार्षिक आय 1,56,060 रुपये थी। विधायक बनने के बाद 2017 में बढ़कर यह 9,30,873 रुपये हो गई। पहली बार विधायक बनने से पहले उनके पास 1,80,000 रुपये थे, जो बढ़कर पांच लाख हो गए हैं।
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बैंकों में जमा राशि, शेयर, बीमा पॉलिसी, ज्वेलरी सहित कुल धनराशि (सकल कुल मूल्य) 22,79,102 रुपये से बढ़कर 51,03,985 रुपये हो गई है। 2012 में उनके पास दो सौ ग्राम सोना था, अब तीन सौ ग्राम है। पत्नी प्रीति उपाध्याय के पास 15 लाख रुपये के गहने हैं। उनके बेटों वात्सल्य और अलौकिक के पास ढाई-ढाई लाख रुपये की ज्वेलरी है। विधायक बनने से पहले योगेंद्र उपाध्याय के बेटे अलौकिक की आय कुछ नहीं थी। तब उनके पास कुल धनराशि (सकल कुल मूल्य) 6,38,000 रुपये थी। शपथ पत्र के अनुसार, अब 2,86,090 रुपये आय हो गई है। ऐसे में उनकी धनराशि 8,33,072 रुपये हो गई है। वहीं, उनके पास 45 लाख रुपये कीमत का पुश्तैनी मकान है। उनके अलावा गुरुवार को 29 दावेदारों ने विभिन्न विधानसभा सीटों से नामांकन पत्र लिए। इसमें सबसे ज्यादा फतेहाबाद सीट से आठ उम्मीदवारों ने फार्म लिया।
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