विश्व जनसंख्या दिवस: 'हम दो हमारे दो' की राह पर परिवार, पांच साल में ढाई गुना बढ़ी पुरुष नसबंदी
- छोटे परिवार का महत्व समझ रहे लोग, देहात में भी परिवार नियोजन के प्रति बढ़ी जागरूकता
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हम दो हमारे दो...बच्चे दो ही अच्छे... जैसे स्लोगन लोगों को छोटा परिवार, सुखी परिवार का मंत्र दे रहे हैं। आगरा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी परिवार नियोजन के लिए लोग जागरूक हो रहे हैं। पांच साल में पुरुष नसबंदी ढाई गुना तक बढ़ी है। परिवार नियोजन के साधन अपनाने में महिलाओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है।
2015 में पुरुष नसबंदी के लिए 2,110 लोगों का लक्ष्य मिला, लेकिन केवल 72 ने ही नसबंदी कराई थी। लक्ष्य के मुताबिक तीन प्रतिशत सफलता मिली थी। वर्ष 2020 में 188 पुरुषों ने नसबंदी कराई। 2015 में 8004 महिलाओं ने नसबंदी और 50,776 ने कॉपर-टी लगवाई थी। 2020 में 9,920 ने नसबंदी कराई। कॉपर-टी लगवाने की संख्या में कमी आई।
कम शिक्षित लोग भी जागरूक हुए
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जिला कार्यक्रम प्रबंधक कुलदीप भारद्वाज ने बताया कि उच्च शिक्षित लोग परिवार नियोजन के प्रति ज्यादा गंभीर रहते थे, लेकिन अब कम शिक्षित भी इसे समझते हुए साधन अपना रहे हैं। इनकी संख्या तेजी से बढ़ी है।
मिलती है प्रोत्साहन राशि
नसबंदी के प्रति जागरूक करने के लिए महिलाओं और पुरुषों को प्रोत्साहन राशि मिलती है। महिला को दो हजार रुपये और पुरुषों को तीन हजार रुपये दिए जाते हैं। पांच साल में परिवार नियोजन के अन्य साधनों का उपयोग करने वालों में छह हजार की बढ़ोतरी हुई है।
यह है स्थिति
| वर्ष | पुरुष नसबंदी | महिला नसबंदी | कॉपर-टी |
| 2015-16 | 72 | 8,004 | 50,776 |
| 2016-17 | 297 | 9,042 | 53,514 |
| 2017-18 | 105 | 8,691 | 49,001 |
| 2018-19 | 52 | 9,410 | 33,647 |
| 2019-20 | 188 | 9,920 | 39,017 |