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विश्व संग्रहालय दिवस 2024: एसएन के म्यूजियम में 90 साल पुराने गिद्ध-चमगादड़, 80 साल पहले के हैं भ्रूण
Sat, 18 May 2024 09:50 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 18 May 2024 09:50 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज के म्यूजियम में कई दशक पुराने मानव, जीव-जंतुओं के अंग संरक्षित हैं। ये शोध, मेडिकल की पढ़ाई में उपयोग किए जाते हैं।
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एसएन मेडिकल कॉलेज का म्यूजियम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी (शारीरिकी) विभाग के म्यूजियम में 1000 से अधिक मानव, जीव-जंतुओं और पक्षियों के अंग और शव सुरक्षित रखे हुए हैं। यहां पर 90 साल पुराने गिद्ध, चमगादड़ और 80 साल पहले के भ्रूण, सर्प, कछुआ और मानव के अंग हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु गुप्ता ने बताया कि यहां नेवला, जंगली छिपकली, गिलहरी, गौरेया, कई तरह के सर्प, अविकसित भ्रूण, लिवर, किडनी, हृदय, मस्तिष्क समेत अन्य अंग सुरक्षित रखे हैं। इनका उपयोग शोध कार्य और मेडिकल के छात्रों की पढ़ाई में उपयोग किया जाता है। विभाग के डॉ. कमल भारद्वाज ने बताया कि इन्हें रसायनों के जार में सुरक्षित रखा जाता है। इनके अध्ययन से बीमारियों के इलाज में सहयोग मिलता है।
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विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु गुप्ता ने बताया कि यहां नेवला, जंगली छिपकली, गिलहरी, गौरेया, कई तरह के सर्प, अविकसित भ्रूण, लिवर, किडनी, हृदय, मस्तिष्क समेत अन्य अंग सुरक्षित रखे हैं। इनका उपयोग शोध कार्य और मेडिकल के छात्रों की पढ़ाई में उपयोग किया जाता है। विभाग के डॉ. कमल भारद्वाज ने बताया कि इन्हें रसायनों के जार में सुरक्षित रखा जाता है। इनके अध्ययन से बीमारियों के इलाज में सहयोग मिलता है।
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