{"_id":"6ada7fd65442d6707400d6b3","slug":"womens-hospital-lab-left-in-the-hands-of-a-contractual-worker-agra-news-c-25-agr1067-1192762-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: एक संविदाकर्मी के भरोसे महिला अस्पताल की लैब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: एक संविदाकर्मी के भरोसे महिला अस्पताल की लैब
Fri, 23 Oct 2026 02:57 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:57 AM IST
विज्ञापन
लेडी लॉयल अस्पताल में पैथोलॉजी रिपोर्ट के काउंटर पर रिपोर्ट लेने के लिए कड़ी महिलाएं दूसरी ओर ज
- फोटो : Archive
आगरा। जिला महिला चिकित्सालय (लेडी लॉयल) में गर्भवती महिलाओं की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में अव्यवस्थाओं और स्थायी डॉक्टरों की कमी के कारण दूर-दराज से आने वाली महिलाओं को जांच और रिपोर्ट के लिए घंटों लंबी कतारों में लगना और भटकना पड़ रहा है।
अस्पताल में प्रतिदिन 600 से 700 महिलाओं की ओपीडी दर्ज की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या गर्भवती महिलाओं की होती है। नियमानुसार महिलाओं को सुबह 8 बजे से ही पैथोलॉजी के बाहर लाइन में खड़ा होना पड़ता है। भारी भीड़ के चलते कई बार जांच की बारी दोपहर 12 बजे तक आती है। इसके बाद, रिपोर्ट के लिए दोपहर 2 बजे तक इंतजार करना पड़ता है। इस लंबी और थका देने वाली प्रक्रिया के दौरान कई बार गर्भवती महिलाओं की तबीयत तक बिगड़ जाती है।
संविदाकर्मी के भरोसे चल रही लैब
इस पूरी अव्यवस्था की मुख्य वजह डॉक्टरों की भारी कमी है। नियमों के मुताबिक पैथोलॉजी लैब में कम से कम दो स्थायी पैथोलॉजिस्ट होने चाहिए लेकिन वर्तमान में एक भी स्थायी डॉक्टर तैनात नहीं है। आलम यह है कि पूरी लैब का कामकाज केवल एक संविदाकर्मी के भरोसे संचालित हो रहा है।
विज्ञापन
-- -- -
वर्जन :
मैं पिछले तीन दिन से जांच के लिए अस्पताल के चक्कर काट रही हूं। दो दिन त्योहारों की छुट्टी होने के कारण जांच नहीं हो सकी। आज आई हूं तो लाइन और रिपोर्ट के चक्कर में घंटों बेंच पर बैठना पड़ रहा है। - नेहा, निवासी खंदारी
-- --
अस्पताल में व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी कई बार रिपोर्ट समय पर नहीं मिलती। कई महिलाओं के पास स्मार्टफोन न होने के कारण डिजिटल रिपोर्ट नहीं मिल पाती। इसके लिए उन्हें अलग से घंटों इंतजार करना पड़ता है। - मनाली, निवासी बापू नगर
-- -- -
प्रशासन को कई बार पत्राचार कर स्थायी पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति की मांग की जा चुकी है। गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए जल्द ही पैथोलॉजी लैब की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा। - डाॅ. पुष्पलता, अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल
-- --
विज्ञापन
अस्पताल में प्रतिदिन 600 से 700 महिलाओं की ओपीडी दर्ज की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या गर्भवती महिलाओं की होती है। नियमानुसार महिलाओं को सुबह 8 बजे से ही पैथोलॉजी के बाहर लाइन में खड़ा होना पड़ता है। भारी भीड़ के चलते कई बार जांच की बारी दोपहर 12 बजे तक आती है। इसके बाद, रिपोर्ट के लिए दोपहर 2 बजे तक इंतजार करना पड़ता है। इस लंबी और थका देने वाली प्रक्रिया के दौरान कई बार गर्भवती महिलाओं की तबीयत तक बिगड़ जाती है।
विज्ञापन
संविदाकर्मी के भरोसे चल रही लैब
इस पूरी अव्यवस्था की मुख्य वजह डॉक्टरों की भारी कमी है। नियमों के मुताबिक पैथोलॉजी लैब में कम से कम दो स्थायी पैथोलॉजिस्ट होने चाहिए लेकिन वर्तमान में एक भी स्थायी डॉक्टर तैनात नहीं है। आलम यह है कि पूरी लैब का कामकाज केवल एक संविदाकर्मी के भरोसे संचालित हो रहा है।
विज्ञापन
वर्जन :
मैं पिछले तीन दिन से जांच के लिए अस्पताल के चक्कर काट रही हूं। दो दिन त्योहारों की छुट्टी होने के कारण जांच नहीं हो सकी। आज आई हूं तो लाइन और रिपोर्ट के चक्कर में घंटों बेंच पर बैठना पड़ रहा है। - नेहा, निवासी खंदारी
अस्पताल में व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी कई बार रिपोर्ट समय पर नहीं मिलती। कई महिलाओं के पास स्मार्टफोन न होने के कारण डिजिटल रिपोर्ट नहीं मिल पाती। इसके लिए उन्हें अलग से घंटों इंतजार करना पड़ता है। - मनाली, निवासी बापू नगर
प्रशासन को कई बार पत्राचार कर स्थायी पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति की मांग की जा चुकी है। गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए जल्द ही पैथोलॉजी लैब की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा। - डाॅ. पुष्पलता, अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल

लेडी लॉयल अस्पताल में पैथोलॉजी रिपोर्ट के काउंटर पर रिपोर्ट लेने के लिए कड़ी महिलाएं दूसरी ओर ज- फोटो : Archive

लेडी लॉयल अस्पताल में पैथोलॉजी रिपोर्ट के काउंटर पर रिपोर्ट लेने के लिए कड़ी महिलाएं दूसरी ओर ज- फोटो : Archive