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इस मां के बेटे आईआरएस और डाक्टर, फिर भी ये दिन देखने को मजबूर
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 28 Sep 2017 06:46 AM IST
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जानलेवा हमला
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में शाहगंज के सोरो कटरा में रहने वाली राजेश्वरी देवी (80) पर सोमवार की रात 12 बजे उनके ही नाती दीपक ने जानलेवा हमला कर दिया।राजेश्वरी फिलहाल मौत से जंग लड़ रही हैं लेकिन हमले के साथ ही भरोसे के एक रिश्ते का खून हो गया। राजेश्वरी देवी को रिश्तों ने शायद हमेशा ही धोखा दिया है। इसीलिए तो वो ये दिन देखने का मजूबर हुईं।
बता दें कि आगरा के सोरों कटरा में रहने वाली राजेश्वरी देवी के पांच बेटे और तीन बेटियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है। लेकिन हाल ये है कि पांचों बेटों में से राजेश्वरी के पास कोई नहीं रहता है। न कोई मां को अपने साथ रखता है।
लोगों ने बताया कि उनका एक बेटा आईआरएस अधिकारी रहा है। वह सेवानिवृत्त भी हो चुका है। एक बेटा डाक्टर है। इतना ही नहीं एक बेटी की शादी डिप्टी एसपी से हुई है। फिर भी राजेश्वरी देवी को दूसरों में अपने खोजने पड़ गए।
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मोहल्ले वालों ने बताया कि राजेश्वरी ने बड़ी मेहनत से बच्चों का लालन पालन किया था। जब बड़े हुए तो सब अलग अलग रहने लगे। दीपक भी पिछले एक साल से ही उनके पास रहने के लिए आया था। पड़ोसियों ने बताया कि परिवार के लोग कभी कभी राजेश्वरी से मिलने के लिए आते हैं।
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बता दें कि आगरा के सोरों कटरा में रहने वाली राजेश्वरी देवी के पांच बेटे और तीन बेटियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है। लेकिन हाल ये है कि पांचों बेटों में से राजेश्वरी के पास कोई नहीं रहता है। न कोई मां को अपने साथ रखता है।
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लोगों ने बताया कि उनका एक बेटा आईआरएस अधिकारी रहा है। वह सेवानिवृत्त भी हो चुका है। एक बेटा डाक्टर है। इतना ही नहीं एक बेटी की शादी डिप्टी एसपी से हुई है। फिर भी राजेश्वरी देवी को दूसरों में अपने खोजने पड़ गए।
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मोहल्ले वालों ने बताया कि राजेश्वरी ने बड़ी मेहनत से बच्चों का लालन पालन किया था। जब बड़े हुए तो सब अलग अलग रहने लगे। दीपक भी पिछले एक साल से ही उनके पास रहने के लिए आया था। पड़ोसियों ने बताया कि परिवार के लोग कभी कभी राजेश्वरी से मिलने के लिए आते हैं।
एकाकी जीवन काट रहे 80 हजार बुजुर्ग
बता दें कि राजेश्वरी अकेली सीनियर सिटीजन नहीं है, जिसे औलाद ने अकेला छोड़ दिया। शहर में ऐसे 80 हजार सीनियर सिटीजन हैं, जिनके बच्चे उनसे दूर रहते हैं। ये लोग जीवन संध्या की बेला में अकेले रहने के लिए मजबूर हैं।
डीजीपी सुलखान सिंह ने सीनियर सिटीजन का रिकार्ड रखने और उनकी सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए पुलिस को निर्देश दे रखे हैं। इसके बावजूद उनकी सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। डीजीपी का भी निर्देश है कि बीट कांस्टेबल सीनियर सिटीजन के पास जाकर उनका हाल चाल पूछे लेकिन पुलिस इस पर ध्यान ही नहीं दे रही है।
डीजीपी सुलखान सिंह ने सीनियर सिटीजन का रिकार्ड रखने और उनकी सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए पुलिस को निर्देश दे रखे हैं। इसके बावजूद उनकी सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। डीजीपी का भी निर्देश है कि बीट कांस्टेबल सीनियर सिटीजन के पास जाकर उनका हाल चाल पूछे लेकिन पुलिस इस पर ध्यान ही नहीं दे रही है।