कोरोना ने डाली रिश्तों में दरार: आमदनी कम होने से बिगड़ा घर का बजट, पति-पत्नी में हो गई रार
कोरोना काल में व्यापारी की आमदनी कम हो गई, जिससे घर का बजट बिगड़ गया। वह अपने बेटे की स्कूल फीस भी नहीं जमा कर सका। इससे पत्नी नाराज होकर मायके चली गई।
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कोरोना काल में आगरा के एक व्यापारी की आमदनी कम होने पर घर का बजट बिगड़ गया। बेटे की फीस जमा नहीं कर सका। इस पर पत्नी से झगड़ा हो गया। वह मायके चली गई। मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा। पति के मारपीट नहीं करने और सम्मान करने के आश्वासन पर ही पत्नी घर लौटने को राजी हुई।
महिला की शादी को सात साल हो चुके हैं। पति फर्नीचर का कारोबार करता है। उनका एक बेटा है। पत्नी का कहना है कि डेढ़ साल से बेटा स्कूल नहीं जा रहा है। उसकी ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। पिता ने बेटे के स्कूल की फीस जमा नहीं की। इसको लेकर उसको टोक दिया था।
पति ने कुछ दिन में फीस भरने के लिए बोल दिया। मगर, ऐसा नहीं किया। दो महीने पहले पत्नी मायके चली गई। उसने पुलिस से शिकायत की। कहा कि पति मारपीट करता है। उसका सम्मान नहीं करता है। बेटे के स्कूल की फीस भी नहीं भर रहा है।
इस पर मामला परिवार परामर्श केंद्र भेजा गया। रविवार को पति और पत्नी को बुलाया गया। पत्नी ने कह दिया कि जब तक पति उसका सम्मान नहीं करेगा और बेटे के स्कूल की फीस नहीं भरता वह घर नहीं लौटेगी। काउंसलर ने पति से बात की। उसने पत्नी के आरोप नकार दिए।
पति ने कहा कि कोरोना काल जब से शुरू हुआ है, उसका व्यापार मंदा हो गया है। वह बेटे की फीस भरना चाहता है। मगर, इकट्ठा पैसा नहीं दे पा रहा है। पत्नी उस पर जल्दी फीस जमा करने के लिए कह रही थी। इस पर वो नाराज हो गया था।
मारपीट का आरोप गलत है। उसने फिर कभी पत्नी से झगड़ा नहीं करने का वादा किया। इस पर दोनों घर चले गए। केंद्र प्रभारी निरीक्षक कमर सुल्ताना ने बताया कि पति-पत्नी मामूली विवाद था। काउंसलर के समझाने पर मान गए।
दस केस में फाइल निस्तारित
परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी कमर सुल्ताना ने बताया कि 40 जोड़े बुलाए गए थे। दस ही उपस्थित हुए। दो केस ऐसे थे, जिनमें पत्नी ने पति के खिलाफ मारपीट, दहेज उत्पीड़न और शराब पीकर पिटाई की शिकायत की थी।
दोनों को समझाया गया। काउंसिलिंग में झगड़ा नहीं करने का वादा किया। इस पर दोनों साथ जाने को तैयार हो गए। आठ जोड़ों में समझौता नहीं होने पर अगली तारीख दी है। दस की फाइल निस्तारित कर दी गई। 15 में एक पक्ष आए थे।