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यूपी: फर्जी जमानतदारों की कौन करता है मदद? पुलिस ने तेज की मददगारों की तलाश
Sat, 11 May 2024 09:53 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 11 May 2024 09:53 AM IST
सार
एसटीएफ ने फर्जी जमानतदार गैंग के सरगना समेत सात को जेल भेज दिया है। अब पुलिस को इनके मददगारों की तलाश है।
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agra police
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में जमानत के फर्जी कागजात तैयार कराकर अपराधियों को जेलों से छुड़ाने वाले फर्जी जमानतदार गिरोह के मददगारों की तलाश पुलिस और एसटीएफ ने तेज कर दी है। मुकदमे में वांछित छह मददगारों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
एसटीएफ, आगरा ने 22 अप्रैल को फर्जी कागजात से अपराधियों की जमानत कराने वाले गिरोह के सरगना अश्विनी कुमार उसके साथियों सुनील कुमार, मोहित गुप्ता, प्रह्लाद कुमार, बंटी, मेराज हुसैन को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से कूटरचित आधार कार्ड, वाहनों के प्रपत्र, नकली मुहरें व अन्य प्रपत्र बरामद किए थे। पूछताछ में कमल सिंह, हरिओम, अशोक और ममता देवी समेत छह लोगों के नाम सामने आए थे। इनमें से कोई गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
चुनाव ड्यूटी के बाद अब पुलिस ने पुराने मुकदमों में वांछितों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के यहां दबिश को देना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों आगरा आए एडीजी एसटीएफ एवं कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने कई शहरों में सक्रिय फर्जी प्रपत्रों पर जमानत लेने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजने की बात की थी। ब्यूरो
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एसटीएफ, आगरा ने 22 अप्रैल को फर्जी कागजात से अपराधियों की जमानत कराने वाले गिरोह के सरगना अश्विनी कुमार उसके साथियों सुनील कुमार, मोहित गुप्ता, प्रह्लाद कुमार, बंटी, मेराज हुसैन को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से कूटरचित आधार कार्ड, वाहनों के प्रपत्र, नकली मुहरें व अन्य प्रपत्र बरामद किए थे। पूछताछ में कमल सिंह, हरिओम, अशोक और ममता देवी समेत छह लोगों के नाम सामने आए थे। इनमें से कोई गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
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चुनाव ड्यूटी के बाद अब पुलिस ने पुराने मुकदमों में वांछितों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के यहां दबिश को देना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों आगरा आए एडीजी एसटीएफ एवं कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने कई शहरों में सक्रिय फर्जी प्रपत्रों पर जमानत लेने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजने की बात की थी। ब्यूरो
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