बरनाहल में कुएं सूखे, हैंडपंप भी छोड़ चुके पानी

Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jul 2021 11:27 PM IST
Wells dry up in Barnahal, water left by hand pumps
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मैनपुरी। जिले के नौ ब्लॉकों में से बरनाहल ब्लॉक में भूगर्भ जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। यह ब्लॉक डार्क जोन में शामिल है। हाल यह है कि यहां कुएं सूख चुके हैं और सरकारी हैंडपंप भी पानी देना छोड़ चुकेे है। पानी के लिए बस सबमर्सिबल ही एकमात्र साधन है। विशेषज्ञों की मानें तो यदि सबमर्सिबल लगाने पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में यहां पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।
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ब्लॉक बरनाहल के लोगों का कहना है कि लगभग 22 साल पहले ब्लॉक में भूगर्भ जलस्तर तेजी के साथ कम हुआ। इसके बाद इसे डार्क जोन घोषित कर दिया गया। जल संरक्षण से भूगर्भ जल का भंडार फिर भरने की सरकारी योजनाएं बनाई गईं लेकिन जनता की बेपरवाही और जिम्मेदारों की लापरवाही से अब तक यह काम नहीं हो सका। बरनाहल में औसत भूगर्भ जलस्तर सौ फीट से नीचे हैं तो ब्लॉक में शामिल कई गांवों में डेढ़ सौ फीट पर भी पानी उपलब्ध नहीं हैं।

इनमें खेड़ा महान, हाजीपुर सेमरी, दिहुली आदि गांव शामिल हैं। पानी संकट का सामना कर रहे ब्लॉक के लोग अब धड़ल्ले से सबमर्सिबल लगवा रहे हैं। इससे और संकट बढ़ने की संभावना है। हालांकि विगत वर्षों में प्रशासन द्वारा तालाबों की खोदाई और शोकपिट निर्माण आदि से जलस्तर स्थिर बना है। सीडीओ ईशाप्रिया द्वारा इस बार मानसून से पहले बरनाहल के सभी तालाबों की खोदाई करने के आदेश दिए गए हैं।
मनरेगा के तहत काम तेजी से चल रहे है। इसके साथ ही बरनाहल क्षेत्र में विलुप्त हो चुकी अवागंगा नदी को भी खोदाई करके दोबारा अस्तित्व में लाया जा रहा है। इससे जल संरक्षण में अवश्यक मदद मिलेगी।
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सबमर्सिबल हटाने के आदेश का नहीं हो सका पालन
एक साल पहले जल संरक्षण के तहत बरनाहल ब्लॉक में लगी सबमर्सिबल हटाने के लिए अभियान चलाया गया था। इसके तहत सबमर्सिबल लगवाने वाले लोगों को व्यक्तिगत नोटिस जारी कर हटाने के आदेश दिए गए थे। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों को भी पत्र जारी किए गए थे। लगभग 21 ग्राम पंचायतों में यह कार्रवाई की गई। हालांकि अब तक सबमर्सिबल नहीं हटाए जा सके।
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सरकारी नलकूप लगाना है प्रतिबंधित
बरनाहल ब्लॉक क्षेत्र डार्क जोन में है। ऐसे में यहां सरकारी नलकूप लगाना प्रतिबंधित है। अब तक सिंचाई विभाग ने यहां कोई नलकूप नहीं लगाया लेकिन खेतों की सिंचाई के लिए किसान निजी बोरिंग कराकर सबमर्सिबल लगवा ली हैं। इससे भूगर्भ का पीने योग्य जल सिंचाई के साथ-साथ वाष्प बनकर समुद्री जल में मिल रहा है।
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लोगों को पीने के लिए पानी चाहिए। ऐसे में मजबूरी में सबमर्सिबल लगवानी पड़ती है। यदि प्रशासन चाहे तो जल संरक्षण के लिए नए तालाबों की खोदाई कराई जा सकती है।
सियाराम
बरनाहल ब्लॉक लंबे समय से डार्क जोन में है। इसके बाद भी यहां आज तक जल संरक्षण के लिए कोई खास पहल नहीं की गई। यदि तालाबों में भी बारिश का पानी संरक्षित कर लिया जाता तो भी हालात काबू किए जा सकते हैं।
रामप्रकाश
बरनाहल में लगातार जल संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। तालाबों की खोदाई के साथ अन्य अभियान भी चलाए जा रहे हैं। लोगों को भी जल संरक्षण की मुहिम में सहयोग करना होगा। बूंद-बूंद पानी को संरक्षित कर ही जलस्तर को सुधारा जा सकता है।
-प्रहलाद सिंह, खंड विकास अधिकारी बरनाहल।

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