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आगरा विविः वेब रजिस्ट्रेशन बंद, इस बार घट जाएंगे एक लाख छात्र
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 01 Aug 2017 08:29 PM IST
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agra university
- फोटो : agra university
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डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थानों और संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश के लिए चालू सत्र में वेब रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य था। 31 जुलाई आखिरी तारीख थी। कुल 1,35,390 छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। अब प्रक्रिया बंद कर दी गई है।
बताया गया है कि विश्वविद्यालय ने आवेदन की तिथि में तीन से चार बार वृद्धि की। अब तिथि नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे शैक्षणिक पंचांग पर अमल करना मुश्किल होगा। इस निर्णय से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित हो सकते हैं। गत वर्षों में करीब 2.50 लाख छात्र-छात्राओं का प्रवेश होता रहा है।
उसके मुकाबले इस बार संख्या आधी रह गई है। विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थानों और संबद्ध कॉलेजों की सीटें खाली रह जाएंगी। छात्र-छात्राओं की मानसिकता अभी बदली नहीं है, गत सत्रों में अक्तूबर-नवंबर तक प्रवेश के लिए पहुंचते रहे हैं। ऐसे छात्रों को विश्वविद्यालय और संबद्ध कालेजों में प्रवेश से वंचित होना पड़ सकता है।
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विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि छात्र हित में वेब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस सत्र में शैक्षणिक कैलेंडर का पालन सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। इसमें कॉलेजों और अभिभावकों सभी को सहयोग देना चाहिए।
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बताया गया है कि विश्वविद्यालय ने आवेदन की तिथि में तीन से चार बार वृद्धि की। अब तिथि नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे शैक्षणिक पंचांग पर अमल करना मुश्किल होगा। इस निर्णय से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित हो सकते हैं। गत वर्षों में करीब 2.50 लाख छात्र-छात्राओं का प्रवेश होता रहा है।
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उसके मुकाबले इस बार संख्या आधी रह गई है। विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थानों और संबद्ध कॉलेजों की सीटें खाली रह जाएंगी। छात्र-छात्राओं की मानसिकता अभी बदली नहीं है, गत सत्रों में अक्तूबर-नवंबर तक प्रवेश के लिए पहुंचते रहे हैं। ऐसे छात्रों को विश्वविद्यालय और संबद्ध कालेजों में प्रवेश से वंचित होना पड़ सकता है।
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विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि छात्र हित में वेब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस सत्र में शैक्षणिक कैलेंडर का पालन सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। इसमें कॉलेजों और अभिभावकों सभी को सहयोग देना चाहिए।