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280 करोड़ रुपये से लगेगा कचरे से बिजली बनाने का प्लांट
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आगरा। कूड़े से बिजली बनाने वाले वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का शिलान्यास नए साल के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों से किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने नगर निगम से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का ब्योरा मांगा है। इसके लिए जनवरी के पहले सप्ताह में शिलान्यास की तैयारियां की जा रही हैं। यह प्लांट स्पाक ब्रेसन कंपनी 280 करोड़ रुपये की लागत से कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर लगाएगी। दो साल में प्लांट तैयार होगा, तब 800 मीट्रिक टन कचरे से हर दिन 15 मेगावाट बिजली बनेगी। आगरा के साथ कानपुर की नगर विकास की योजनाओं का भी मुख्यमंत्री एक साथ शिलान्यास करेंगे।
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट 11 एकड़ जमीन पर लगाया जाएगा, जिसके लिए हर दिन 800 मीट्रिक टन कचरा चाहिए होगा। आगरा में हर दिन 400 मीट्रिक टन सूखा कचरा, 300 मीट्रिक टन गीला कचरा और 50 मीट्रिक टन सिल्ट निकलती है। आगरा के साथ फिरोजाबाद से भी कचरे का निस्तारण यहां किया जा सकेगा। नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने बताया कि जनवरी के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्लांट को हर दिन 3 एमएलडी पानी चाहिए होगा, जिसके लिए जलनिगम के साथ पीलाखार एसटीपी से लाइन बिछाने का प्रयास किया जा रहा है। कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर प्रस्तावित प्लांट की जमीन पर सफाई और बैरिकेडिंग का काम किया जा रहा है।
इस साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे मंजूरी दे दी थी। ताज ट्रिपेजियम जोन में प्रदूषण के कारण इस प्लांट के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति ली गई है। उससे पहले नीरी और सीपीसीबी के विशेषज्ञों ने प्लांट के प्रदूषण स्तर पर रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें बताया गया कि प्लांट यूरो मानक को पूरा करेगा। चिमनी से निकलने वाली गैस जलवाष्प और कार्बन डाईऑक्साइड होगी। प्रदूषण नियंत्रण के मानक भारत स्टेज और यूरो के तहत रखे जाएंगे।
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नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक कचरे को एक वेल में डाला जाएगा। वहां से कचरा जलेगा। कचरा जलेगा तो उससे बायलर में रखा पानी गरम होगा, जिससे भाप पैदा होगी। भाप से पैदा होने वाली ऊर्जा से टरबाइन चलेंगी और बिजली पैदा होगा। इसलिए प्लांट में रोज 3 एमएलडी पानी की जरूरत होगी जिससे ऊर्जा पैदा की जाएगी।
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वेस्ट टू एनर्जी प्लांट 11 एकड़ जमीन पर लगाया जाएगा, जिसके लिए हर दिन 800 मीट्रिक टन कचरा चाहिए होगा। आगरा में हर दिन 400 मीट्रिक टन सूखा कचरा, 300 मीट्रिक टन गीला कचरा और 50 मीट्रिक टन सिल्ट निकलती है। आगरा के साथ फिरोजाबाद से भी कचरे का निस्तारण यहां किया जा सकेगा। नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने बताया कि जनवरी के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्लांट को हर दिन 3 एमएलडी पानी चाहिए होगा, जिसके लिए जलनिगम के साथ पीलाखार एसटीपी से लाइन बिछाने का प्रयास किया जा रहा है। कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर प्रस्तावित प्लांट की जमीन पर सफाई और बैरिकेडिंग का काम किया जा रहा है।
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इस साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे मंजूरी दे दी थी। ताज ट्रिपेजियम जोन में प्रदूषण के कारण इस प्लांट के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति ली गई है। उससे पहले नीरी और सीपीसीबी के विशेषज्ञों ने प्लांट के प्रदूषण स्तर पर रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें बताया गया कि प्लांट यूरो मानक को पूरा करेगा। चिमनी से निकलने वाली गैस जलवाष्प और कार्बन डाईऑक्साइड होगी। प्रदूषण नियंत्रण के मानक भारत स्टेज और यूरो के तहत रखे जाएंगे।
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नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक कचरे को एक वेल में डाला जाएगा। वहां से कचरा जलेगा। कचरा जलेगा तो उससे बायलर में रखा पानी गरम होगा, जिससे भाप पैदा होगी। भाप से पैदा होने वाली ऊर्जा से टरबाइन चलेंगी और बिजली पैदा होगा। इसलिए प्लांट में रोज 3 एमएलडी पानी की जरूरत होगी जिससे ऊर्जा पैदा की जाएगी।