फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   vrindavan saints over covid toolkit issue

टूलकिट विवाद: वृंदावन के संतों ने जताई नाराजगी, कहा- राजनीतिक प्रतिद्वंदिता में हिंदू धर्म को न करें बदनाम

Sat, 22 May 2021 12:04 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 22 May 2021 12:04 AM IST
सार

भाजपा और कांग्रेस में छिड़े टूलकिट विवाद पर वृंदावन के संतों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे हिंदू धर्म और संस्कृति को बदनाम करने की साजिश करार दिया है। 

विज्ञापन
vrindavan saints over covid toolkit issue
महामंडलेश्वर नवल गिरि , कार्ष्णि नागेंद्र , आचार्य बद्रीश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिछले कई दिनों से टूलकिट विवाद सुर्खियों में बना हुआ। कांग्रेस और भाजपा के नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। दूसरी लहर में कोविड संक्रमण के लिए हिंदुओं के धार्मिक आयोजन और कुंभ को भी बताया गया है। इसे लेकर वृंदावन के संत नाराज हैं। संतों का कहना है कि राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के लिए धर्म को आधार न बनाया जाए।

विज्ञापन


महामंडलेश्वर नवल गिरि ने कहा कि सनातन धर्म, संस्कृति, पर्व से ही भारत की पहचान है। संयुक्त राष्ट्र ने पिछले वर्षों प्रयागराज कुंभ की तारीफ की थी। यही भारतीय संस्कृति की ताकत है। भारतीय संस्कृति धर्म सब को जोड़ने और सबके हित की बात करता है। आपत्ति आने पर सभी धर्मात्मा साधु-संत, मंडलेश्वर हिन्दुओं ने कुंभ के कार्यक्रमों को एक प्रतीकात्मक रूप देकर के विश्राम किया। इसके बावजूद सनातन धर्म संस्कृति को बदनाम करने की मानसिकता निंदनीय है। 
विज्ञापन


'कोई भी दल धर्म को बदनाम ना करे'
काशी विद्वत परिषद के पश्चिमी भारत प्रभारी कार्ष्णि नागेंद्र ने कहा कि कोई भी दल धर्म को बदनाम ना करें। कोविड पूरे विश्व में है ना कि सिर्फ भारत में इसका प्रभाव देखा जा रहा है। सनातन धर्म ने हमेशा ही बीमारियों को दूर करने के कई उपाय बताए हैं। मनुष्य को खुश रहने के उपाय बताए हैं। सबको साथ रहने के उपाय बताए हैं। सनातन धर्म का एक ही मकसद है कि सारे लोग मिलकर स्वस्थ रहें। कुंभ और होली को लेकर भ्रम ना फैलाएं। धर्म के साथ इस महामारी में राजनीति निंदनीय है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

संत मोहिनी बिहारी शरण ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है। इसमें धर्म को आधार नहीं बनाना चाहिए। वर्तमान में गंभीर महामारी का दौर चल रहा है। इसके लिए किसी धर्म और उसके उत्सवों पर अंगुली उठाना निंदनीय है। कुंभ का आयोजन प्रतीकात्मक रूप से हुआ है। अधिकांश आयोजन रोक दिए गए। यह सब महामारी को देखते हुए सरकार की पहल पर हुआ। इसके बाद किसी प्रकार का आरोप निंदनीय है।

आचार्य बद्रीश ने कहा कि भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म एक दूसरे के पूरक हैं। हिंदू धर्म ने भारतीय संस्कृति के उत्थान के लिए हमेशा काम किया है। देश में होने वाले विभिन्न धार्मिक और सामाजिक आयोजन भारतीय संस्कृति का ही हिस्सा हैं। यह समाज को जोड़ने का काम करते हैं न कि किसी को क्षति पहुंचाने का। ऐसे में टूलकिट के माध्यम से कोरोना को लेकर उठाई गए सवाल निंदनीय हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed