सीएनजी न मिलने से 80 हजार वाहनों के थम गए पहिये, स्कूली वाहन भी नहीं चले
आगरा में पंपों पर सीएनजी नहीं मिलने से 80 हजार वाहनों के पहिये थम गए। इनमें स्कूल वाहन भी शामिल हैं। कई स्कूलों में तो सभी बच्चे सीएनजी बसों से आते हैं। गुरुवार को अधिकांश स्कूलों की बस और वैन बच्चों को लेने नहीं पहुंची। पंपों पर सीएनजी लेने के लिए ऑटो की रात तक लंबी लाइन लगी रही। गर्डर उठाने का धीमा कार्य देख हाल-फिलहाल सीएनजी की सप्लाई होती नहीं दिख रही। इससे मुसीबत और बढ़ेगी।
जिले में 80 हजार वाहन सीएनजी से संचालित हैं। इसमें 25 हजार ऑटो, वैन और स्कूल बस हैं, बाकी के कार एवं अन्य कामर्शियल वाहन हैं। सीएनजी न मिलने से ये बंद हो गए। इसके चलते वैन, ऑटो और बस बच्चों को लेने के लिए स्कूल नहीं जा पाए। इनके न चलने से बच्चों और सवारियों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ी।
इधर, सीएनजी लेने के लिए बुधवार की शाम से ही 14 पंपों पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। हालत ये रही कि चालकों ने पंपों पर डेरा डाल लिया। सीएनजी नहीं मिलने से ऑटो चालकों ने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी भी की।
ऑटो चालकों का कहना था कि इससे उनकी आमदनी बंद हो गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत अभिभावकों के लिए है। वैन और ऑटो न आने पर अभिभावकों को खुद ही बच्चे स्कूल लाने-ले जाना पड़ रहा है।
रामबाग से भगवान तक के लिए 150 रुपये
गर्डर गिरने से रामबाग चौराहा से भगवान टाकीज तक का रास्ता डायवर्ट कर दिया है। ऐसे में मयूरी, टेंपो चालकों ने मनमाना किराया वसूला। स्थिति ये रही कि रामबाग चौराहा से भगवान टाकीज तक ऑटो करने पर 150 रुपये वसूले। प्रति सवारी के तौर पर 80 रुपये तक लिए। वाटर वर्क्स से भगवान टाकीज तक का किराया 50 से 60 रुपये लिया गया। किराये को लेकर सवारी और चालकों में खूब तकरार भी देखने मिली।
दोपहर तक दूर हो सकती है दिक्कत
यमुना पर निर्माणाधीन तीसरे पुल से गिरे तीनों गर्डरों को हटाए जाने का काम गुरुवार सुबह को शुरू हुआ। यह दोपहर तक पूरा हो सकता है। इसके बाद पीएनजी, सीएनजी की सप्लाई सुचारू की जाएगी। साथ ही ट्रैफिक के लिए बंद किए गए पुलों को भी खोल दिया जाएगा।
आगरा-इटावा सिक्सलेन प्रोजेक्ट के तहत वाटर वर्क्स फ्लाईओवर के सामने यमुना नदी पर बनाए जा रहे तीसरे पुल के तकरीबन 600 टन वजनी तीन गर्डर मंगलवार को शिफ्टिंग के दौरान गिर गए थे। इनमें से तीनों गर्डर एक दूसरे के ऊपर टिके हुए हैं। तीसरा गर्डर नजदीक स्थित जवाहर पुल की पाइप लाइनों के पास टिका हुआ है।