फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Vegetable's farmers loss due to Coronavirus Lockdown in firozabad

सब्जी उत्पादक किसानों पर लॉकडाउन पड़ा भारी, फसल की लागत भी नहीं निकली

Tue, 02 Jun 2020 04:06 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 02 Jun 2020 04:06 PM IST
सार

  • औने-पौने दामों पर सब्जी बेचने को मजबूर हैं किसान
  • कई किसानों ने सब्जियों के खेत ही जुतवा दिए

विज्ञापन
Vegetable's farmers loss due to Coronavirus Lockdown in firozabad
सब्जी मंडी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फिरोजाबाद जिले में सब्जी उत्पादक किसानों पर लॉकडाउन भारी पड़ रहा है। सब्जी मंडी लाएं तो भाव नहीं मिलता। देर हो जाए तो बैरंग लौटकर जाना पड़ता है। इससे किसान औने-पौने दामों पर सब्जी बेचने को मजबूर हैं। कई किसान तो सब्जी फ्री में देने तक को तैयार हैं। 
विज्ञापन


मक्खनपुर के इंदुमई निवासी किसान रामनिवास ने चार बीघा तोरई की फसल बोई थी। पिछले वर्ष सब खर्चा निकाल कर 25 हजार से अधिक का मुनाफा हो गया था। जो तोरई 20 से 25 रुपया प्रति किलोग्राम बिकती थी उस तोरई को 20 रुपये की ढाई किलोग्राम बेचने को मजबूर हैं। रामनिवास कहते हैं कि इस बार फायदा तो दूर बल्कि पैसा निकलना तक मुश्किल है। 
विज्ञापन



पांच से छह रुपये प्रति किलो बिकी गोभी 

फतेहाबाद क्षेत्र के विजय मलैहना निवासी किसान सुनील कहते हैं कि पांच बीघा गोभी की फसल की थी। रात रातभर जागकर गोभी मंडी में लेकर पहुंचे, लेकिन कोई खरीददार तक नहीं है। उनका कहना है कि 20 रुपये प्रति किलो बिकने वाली गोभी लॉकडाउन में पांच से छह रुपये प्रति किलो बिक रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

शिकोहाबाद के नगला कांस निवासी किसान राजपाल सिंह ने कहा कि तरबूज की गाड़ी मंडी में आते ही बिक्री हो जाती थी। ग्राहक खड़े दिखाई देते थे। बल्कि कई व्यापारी तो खेत से खरीद ले जाते थे। लेकिन इस बार रुपये तो दूर ट्रैक्टर का भाड़ा तक पूरा नहीं हो रहा। विचार आता है कि तरबूजे की फसल का खेत ही जुतवा दूं, क्योंकि कोई लाभ होने वाला नहीं है। 

टापा खुर्द निवासी राहुल का कहना है कि मंडी में किसान तड़के चार बजे तक आ जाए उसकी एंट्री होती है। उसके बाद किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता है। किसान तोरई, लौकी लेकर आता है और लौट जाता है। लौकी तो किसान खेत में फेंकने को मजबूर हैं। इस तरह का आलम गांव में दिखाई देता है। 

'किसानों को वापस लौटा देता हूं'

नगला पानसहाय निवासी अशोक कुमार कहते हैं कि मंडी में आने वाले सभी किसानों के सामान रखने के बाद उन्हें लौटा देता हूं। ताकि आढ़त पर भीड़ नहीं लगने पाए। किसान मजबूर है क्योंकि पुलिस परेशान करती है, गरीब किसान के पास कोई सुविधा नहीं होती। गोभी, टमाटर, धनियां, मिर्च एवं कद्दू सभी सब्जियां सस्ती हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed