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बेटा, बहू परेशान करें तो भी मिलेगी मदद, पांच हजार ने कराया रजिस्ट्रेशन, जानिए पूरी खबर
Wed, 27 Nov 2019 11:08 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 27 Nov 2019 11:08 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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यूपी पुलिस द्वारा बुजुर्गों के लिए शुरू की गई योजना ‘सवेरा’ के तहत आगरा में 5000 लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है। यह पुलिस के एप ‘यूपी कॉप’ पर कराया जा रहा है। सीनियर सिटीजन इसके बारे में पुलिस से जानकारी भी कर रहे हैं।
‘सवेरा’ के तहत पुलिसकर्मी पार्क में सुबह बुजुर्गों के साथ बैठक कर रहे हैं। उन्हें बता रहे हैं कि यूपी-कॉप पर जानकारी अपलोड करने के क्या फायदे हैं? साथ ही उनका रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। यूपी पुलिस के एप ‘यूपी कॉप’ पर रजिस्ट्रेशन के दौरान बुजुर्ग को इसमें अपना ब्योरा देना होता है।
उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर। इससे उनके घर की लोकेशन और उनका पूरा ब्योरा यूपी 100 (जो 112 होने जा रही है) के पास रहेगा। जरूरत पड़ने पर पुलिस को उनका मकान ढूंढना नहीं पड़ेगा।
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‘सवेरा’ के तहत पुलिसकर्मी पार्क में सुबह बुजुर्गों के साथ बैठक कर रहे हैं। उन्हें बता रहे हैं कि यूपी-कॉप पर जानकारी अपलोड करने के क्या फायदे हैं? साथ ही उनका रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। यूपी पुलिस के एप ‘यूपी कॉप’ पर रजिस्ट्रेशन के दौरान बुजुर्ग को इसमें अपना ब्योरा देना होता है।
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उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर। इससे उनके घर की लोकेशन और उनका पूरा ब्योरा यूपी 100 (जो 112 होने जा रही है) के पास रहेगा। जरूरत पड़ने पर पुलिस को उनका मकान ढूंढना नहीं पड़ेगा।
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ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
गूगल प्ले स्टोर में जाकर एप यूपीकॉप डाउनलोड कर लें। इसमें नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल की जानकारी देनी होती है। दूसरा तरीका यह है कि 112 पर कॉल करें। वहां से नाम, पता, उम्र, मोबाइल नंबर के बारे में जो पूछा जाए, वह बता दें।
ये होंगे लाभ
फायदा यह होगा कि अगर जरूरत पड़ने पर वह रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से पुलिस को कॉल करते हैं तो उनकी जानकारी यूपी-112 के कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर आ जाएगी। उनसे पूरी जानकारी नहीं लेनी होगी।
यह ब्योरा तत्काल ही उनके घर के नजदीक के पुलिस रिस्पॉंस वेहिकल (पीआरपी) की स्क्रीन पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा। दूसरा, यह डाटा बीट कांस्टेबल को दिया जाएगा। उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह महीने में एक बार घर जाकर बुजुर्ग से हालचाल पूछे। अगर उन्हें कोई परेशानी हो तो कानूनी मदद दिलाए।
बेटा, बहू परेशान करें तो भी मिलेगी मदद
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि इस योजना में एसडीएम को नोडल अधिकारी बनाया गया है। अगर बुजुर्ग को परिवार के सदस्य से परेशानी है तो दोनों पक्षों को एसडीएम और सीओ सुनेंगे। इसमें जो भी निष्कर्ष निकलता है, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
गूगल प्ले स्टोर में जाकर एप यूपीकॉप डाउनलोड कर लें। इसमें नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल की जानकारी देनी होती है। दूसरा तरीका यह है कि 112 पर कॉल करें। वहां से नाम, पता, उम्र, मोबाइल नंबर के बारे में जो पूछा जाए, वह बता दें।
ये होंगे लाभ
फायदा यह होगा कि अगर जरूरत पड़ने पर वह रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से पुलिस को कॉल करते हैं तो उनकी जानकारी यूपी-112 के कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर आ जाएगी। उनसे पूरी जानकारी नहीं लेनी होगी।
यह ब्योरा तत्काल ही उनके घर के नजदीक के पुलिस रिस्पॉंस वेहिकल (पीआरपी) की स्क्रीन पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा। दूसरा, यह डाटा बीट कांस्टेबल को दिया जाएगा। उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह महीने में एक बार घर जाकर बुजुर्ग से हालचाल पूछे। अगर उन्हें कोई परेशानी हो तो कानूनी मदद दिलाए।
बेटा, बहू परेशान करें तो भी मिलेगी मदद
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि इस योजना में एसडीएम को नोडल अधिकारी बनाया गया है। अगर बुजुर्ग को परिवार के सदस्य से परेशानी है तो दोनों पक्षों को एसडीएम और सीओ सुनेंगे। इसमें जो भी निष्कर्ष निकलता है, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।