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आगरा बनेगा आयुष का बड़ा हब: प्रदेश का पहला 400 बेड का इंस्टीट्यूट खुलेगा, कैंसर-किडनी का होगा बिना सर्जरी इलाज
Fri, 17 Apr 2026 03:12 PM IST
Dhirendra Singh
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 17 Apr 2026 03:12 PM IST
सार
आगरा के रुनकता क्षेत्र में प्रदेश का पहला इंस्टीट्यूट ऑफ आयुष मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल बनाया जाएगा, जिसमें 400 बेड होंगे। यहां आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और योग चिकित्सा के साथ कैंसर, किडनी व हृदय रोगों का बिना सर्जरी उपचार किया जाएगा।
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आयुष मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल
- फोटो : AI
विस्तार
आयुष और होम्योपैथी के क्षेत्र में भी आगरा बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। यहां पर इंस्टीट्यूट ऑफ आयुष मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल खोला जाएगा। ये प्रदेश में पहला आयुष इंस्टीट्यूट होगा। ये 400 बेड का होगा और ये करीब 14 एकड़ जमीन में बनेगा। इसमें कैंसर, किडनी, लिवर, हृदय रोग का बिना सर्जरी के उपचार होगा।
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केंद्र सरकार आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए आगरा में इंस्टीट्यूट के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है। इसके निर्माण के लिए रुनकता के अकबरा गांव में 13.5 एकड़ जमीन भी अधिकृत हो गई है। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें 400 बेड होंगे। आईसीयू भी होगा। चिकित्सकों के लिए चैंबर भी होंगे। ओपीडी, दवा काउंटर, लैब भी होगी। आयुष, यूनानी, होम्योपैथिक, प्राकृतिक चिकित्सा और योग केंद्र होगा। इसमें आयुष चिकित्सा की पढ़ाई होगी। कैंसर, किडनी, लिवर, हृदय रोग, पेट रोग समेत अन्य जटिल बीमारियों का उपचार किया जाएगा। ऐसे में मरीजों के सर्जरी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खास बात इसमें बीमारियों के लिए शोध कार्य भी किए जाएंगे। ऐसे में देश भर से मरीज इलाज कराने पहुंचेंगे।
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ये पाठ्यक्रम होंगे संचालित:
- बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएमएएस)
- बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस)
- बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (बीयूएमएस)
- बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (बीएनवाईएस)
- डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स संचालित होंगे।
- बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएमएएस)
- बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस)
- बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (बीयूएमएस)
- बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (बीएनवाईएस)
- डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स संचालित होंगे।
60-60 सीटें और होंगे 100-100 बेड
इंस्टीट्यूट में चार पैथी की पढ़ाई और इलाज की सुविधा होगी। इसमें आयुष, होम्योपैथिक, यूनानी और नेचुरोपैथी की 60-60 सीटें होंगी। इनके लिए अलग-अलग परिसर बनेंगे। इसमें 100-100 बेड होंगे। डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के लिए अलग से चैंबर होंगे। पर्चा समेत दवा काउंटर और जांच की सुविधा होगी।
इंस्टीट्यूट में चार पैथी की पढ़ाई और इलाज की सुविधा होगी। इसमें आयुष, होम्योपैथिक, यूनानी और नेचुरोपैथी की 60-60 सीटें होंगी। इनके लिए अलग-अलग परिसर बनेंगे। इसमें 100-100 बेड होंगे। डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के लिए अलग से चैंबर होंगे। पर्चा समेत दवा काउंटर और जांच की सुविधा होगी।
जमीन हुई चिह्नित, जल्द शुरू होगा निर्माण प्रक्रिया
क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. एमएस आलम ने बताया कि प्रशासन ने रुनकता के अकबरा गांव में 13.5 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी है। इसका प्रस्ताव शासन को भेज रहे हैं। यहां इंस्टीट्यूट बनने से आयुष और होम्योपैथिक चिकित्सा को बढ़ावा मिलेगा। पढ़ाई के साथ इलाज की सुविधा हो जाएगी। इससे लोगों को सस्ता और कारगर इलाज मिलेगा।
क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. एमएस आलम ने बताया कि प्रशासन ने रुनकता के अकबरा गांव में 13.5 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी है। इसका प्रस्ताव शासन को भेज रहे हैं। यहां इंस्टीट्यूट बनने से आयुष और होम्योपैथिक चिकित्सा को बढ़ावा मिलेगा। पढ़ाई के साथ इलाज की सुविधा हो जाएगी। इससे लोगों को सस्ता और कारगर इलाज मिलेगा।
होम्योपैथी चिकित्सा और पढ़ाई की सुविधा
इंस्टीट्यूट ऑफ आयुष मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल खुलने से मेडिकल के छात्रों के लिए सुविधा हो जाएगी। पढ़ाई और शोध कार्य को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सा की सुविधा मिलेगी। इससे आसपास के राज्यों के मरीज और छात्रों को लाभ मिलेगा।- डाॅ. कैलाश चंद सारस्वत,अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस
इंस्टीट्यूट ऑफ आयुष मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल खुलने से मेडिकल के छात्रों के लिए सुविधा हो जाएगी। पढ़ाई और शोध कार्य को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सा की सुविधा मिलेगी। इससे आसपास के राज्यों के मरीज और छात्रों को लाभ मिलेगा।- डाॅ. कैलाश चंद सारस्वत,अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस
आयुष-होम्योपैथी में भी आगरा बनेगा पहचान
चिकित्सा के क्षेत्र में आगरा का देशभर में नाम है। इंस्टीट्यूट ऑफ आयुष मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल खुलने से शोध कार्य को बढ़ावा मिलेगा। इससे मरीजों को सस्ता इलाज मिलेगा। इससे आयुष और होम्योपैथी में युवा चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी। इससे आगरा भी होम्योपैथी में पहचान बनेगा।- डॉ. पार्थसारथी शर्मा, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव, आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन
चिकित्सा के क्षेत्र में आगरा का देशभर में नाम है। इंस्टीट्यूट ऑफ आयुष मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल खुलने से शोध कार्य को बढ़ावा मिलेगा। इससे मरीजों को सस्ता इलाज मिलेगा। इससे आयुष और होम्योपैथी में युवा चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी। इससे आगरा भी होम्योपैथी में पहचान बनेगा।- डॉ. पार्थसारथी शर्मा, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव, आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन