{"_id":"5e56450b8ebc3ef397645fda","slug":"up-board-exam-age-of-31-become-give-paper-change-date-of-birth-at-aadhar","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी बोर्डः हाईस्कूल की परीक्षा में संदिग्ध परीक्षार्थियों ने कर दिया उम्र का 'खेल'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी बोर्डः हाईस्कूल की परीक्षा में संदिग्ध परीक्षार्थियों ने कर दिया उम्र का 'खेल'
Wed, 26 Feb 2020 03:45 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 26 Feb 2020 03:45 PM IST
विज्ञापन
यूपी बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड हाईस्कूल की गणित विषय की परीक्षा में 8 परीक्षार्थी ऐसे पकड़े गए, जो जन्मतिथि में फेरबदल करके परीक्षा दे रहे हैं। दो संदिग्ध परीक्षार्थी मिले। इनके भी आधार कार्ड व प्रवेशपत्र पर जन्मतिथि भिन्न थी। इसमें से एक परीक्षार्थी ने 31 की जगह 20 वर्ष उम्र दिखाई है। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) डॉ. मुकेश अग्रवाल ने केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षार्थियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
रतन समाज इंटर कॉलेज पनवारी में दो परीक्षार्थियों अवधेश और आरव सिंह को केंद्र व्यवस्थापक ने पहले से चिह्नित कर रखा था। अवधेश की जन्मतिथि में छह वर्ष और आरव की जन्मतिथि में पांच वर्ष का अंतर था। जेडी का उड़नदस्ता पहुंचने पर जानकारी दी। दो संदिग्ध परीक्षार्थी रवि कुमार और प्रेम सिंह के आधार कार्ड और प्रवेशपत्र पर जन्मतिथि भिन्न पाई गई। इनकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
केआर इंटर कॉलेज रुनकता में छह परीक्षार्थी तेज सिंह, दिनेश कुमार, सुखवीर, राजकुमार, भीकम सिंह और सौरभ चौधरी पकड़े गए।जेडी के उड़नदस्ते ने परीक्षार्थियों के संदिग्ध लगने पर पूछताछ की। इसके बाद सभी की सच्चाई सामने आई। परीक्षार्थियों ने लिखित में स्वीकार किया कि उन्होंने जन्मतिथि में फेरबदल किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रतन समाज इंटर कॉलेज पनवारी में दो परीक्षार्थियों अवधेश और आरव सिंह को केंद्र व्यवस्थापक ने पहले से चिह्नित कर रखा था। अवधेश की जन्मतिथि में छह वर्ष और आरव की जन्मतिथि में पांच वर्ष का अंतर था। जेडी का उड़नदस्ता पहुंचने पर जानकारी दी। दो संदिग्ध परीक्षार्थी रवि कुमार और प्रेम सिंह के आधार कार्ड और प्रवेशपत्र पर जन्मतिथि भिन्न पाई गई। इनकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
केआर इंटर कॉलेज रुनकता में छह परीक्षार्थी तेज सिंह, दिनेश कुमार, सुखवीर, राजकुमार, भीकम सिंह और सौरभ चौधरी पकड़े गए।जेडी के उड़नदस्ते ने परीक्षार्थियों के संदिग्ध लगने पर पूछताछ की। इसके बाद सभी की सच्चाई सामने आई। परीक्षार्थियों ने लिखित में स्वीकार किया कि उन्होंने जन्मतिथि में फेरबदल किया है।
विज्ञापन
पांच से 11 वर्षों तक का अंतर
खेरागढ़ निवासी भीकम की वास्तविक जन्मतिथि 16 जनवरी, 1989 है और परीक्षा के लिए जन्मतिथि 16 जनवरी, 2000 दर्शाई गई है।धौलपुर जिले के रहने वाले दिनेश कुमार शर्मा ने पांच मई, 1997 की जगह जन्मतिथि पांच मई, 2002 दिखाई है। भरतपुर जिले के तेज सिंह ने आठ नवंबर, 1992 की जगह दो जुलाई, 1998 जन्मतिथि दिखाई है।
आरेाप 5000 से 7000 रुपये दिए
जन्मतिथि में फेरबदल करने के आरोपी परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि जन्मतिथि कम करने के लिए संबंधित कॉलेजों में किसी ने 1500 तो किसी ने 5000 और 7000 रुपये तक दिए हैं।
विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने के निर्देश
परीक्षार्थियों के लिखित बयान डीआईओएस को भेजकर निर्देश दिया है कि रुपये लेकर परीक्षार्थियों की जन्मतिथि में हेरफेर कर, फार्म अग्रसारित करने वाले संबंधित विद्यालयों के खिलाफ मान्यता समाप्त किए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। - डॉ. मुकेश अग्रवाल, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक
खेरागढ़ निवासी भीकम की वास्तविक जन्मतिथि 16 जनवरी, 1989 है और परीक्षा के लिए जन्मतिथि 16 जनवरी, 2000 दर्शाई गई है।धौलपुर जिले के रहने वाले दिनेश कुमार शर्मा ने पांच मई, 1997 की जगह जन्मतिथि पांच मई, 2002 दिखाई है। भरतपुर जिले के तेज सिंह ने आठ नवंबर, 1992 की जगह दो जुलाई, 1998 जन्मतिथि दिखाई है।
आरेाप 5000 से 7000 रुपये दिए
जन्मतिथि में फेरबदल करने के आरोपी परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि जन्मतिथि कम करने के लिए संबंधित कॉलेजों में किसी ने 1500 तो किसी ने 5000 और 7000 रुपये तक दिए हैं।
विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने के निर्देश
परीक्षार्थियों के लिखित बयान डीआईओएस को भेजकर निर्देश दिया है कि रुपये लेकर परीक्षार्थियों की जन्मतिथि में हेरफेर कर, फार्म अग्रसारित करने वाले संबंधित विद्यालयों के खिलाफ मान्यता समाप्त किए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। - डॉ. मुकेश अग्रवाल, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक