69 हजार शिक्षक भर्ती: प्रमाणपत्रों के लिए अभ्यर्थियों ने लगाई विश्वविद्यालय की दौड़
- आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में काम शुरू होने की सूचना पर 69 हजार शिक्षक भर्ती की परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी प्रमाणपत्रों के लिए विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं।
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शुक्रवार को विश्वविद्यालय के गेट पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी एकत्रित थे। कोई उनकी सुन नहीं रहा था, इस पर विरोध प्रदर्शन भी हुआ। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। परीक्षा नियंत्रक को बुलाकर अभ्यर्थियों से बात कराई, इसके बाद वे लौट गए।
अभ्यर्थियों को डर सता रहा है कि प्रमाणपत्रों के अभाव में वे काउंसिलिंग से वंचित न हो जाएं। ऑनलाइन आवेदन के निस्तारण में देरी की आशंका से अभ्यर्थी खुद विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं।
तमाम अभ्यर्थी प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में वे विश्वविद्यालय का रुख कर रहे हैं। हालांकि विश्वविद्यालय के सभी गेट बंद रखे जा रहे हैं। स्टाफ को ही प्रवेश दिया जा रहा है।
गेट के बाहर से ही अभ्यर्थियों से प्रार्थनापत्र लिया जा रहा है। हेल्प डेस्क पर प्रार्थनापत्र लेकर अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया जा रहा है कि उनके मोबाइल नंबर पर प्रकरण के निस्तारण की सूचना दे दी जाएगी।
सभी प्रकरण निस्तारित किए जा रहे हैं
पुलिस के कहने पर विश्वविद्यालय के परीक्षक नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार ने गेट पर मौजूद करीब 50 अभ्यर्थियों से बात की। सभी से प्रार्थनापत्र देने के लिए कहा। बताया कि एक-दो दिन में प्रमाणपत्र ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जिसको आवेदन फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही है, वो नए सिरे से प्रक्रिया करें, उनका आवेदन स्वीकार हो जाएगा। इस संबंध में एजेंसी को कह दिया गया है।
परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि वर्ष 2014 के बाद के सभी प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन कर दिया गया है। वर्ष 2014 के पहले के करीब 3500 प्रमाणपत्र ऑफलाइन तैयार कर लिए गए हैं, इसे उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाई जा रही है।
सामाजिक दूरी का पालन भूले
प्रमाणपत्र लेने पहुंचे अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के गेट नंबर दो पर अधिक संख्या में एकत्रित हो गए थे। सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं किया जा रहा था। हालांकि गेट पर तैनात गार्ड अभ्यर्थियों को बीच-बीच में टोक रहा था। हरीपर्वत थाने की पुलिस ने अभ्यर्थियों को दूर-दूर खड़ा कराया।