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विवि का चमत्कार, परीक्षा से पहले मार्कशीट
विवि का चमत्कार, परीक्षा से पहले मार्कशीट
Updated Tue, 03 Jan 2017 12:31 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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परीक्षा 2015 में हुई और मार्कशीट 2014 में तैयार कर दी। ये पढ़कर आप चौंक गए ना पर है हकीकत। ये ‘चमत्कार’ डा. बीआर अंबेडकर विवि ने कर दिखाया। भले ही यहां महीनों मार्कशीट-डिग्री नसीब न हो लेकिन ऐसा मजाक एसएन मेडिकल कालेज के छात्रों के साथ किया है। इस गड़बड़ी पर कालेज प्रशासन ने सभी मार्कशीट विवि को लौटा दी हैं।
एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल (पार्ट-वन) सप्लीमेंट्री की परीक्षा फरवरी, 2015 में हुई। डेढ़ साल से मार्कशीट के लिए चक्कर काटने के बाद हाल ही में ये एसएन पहुंची हैं। मार्कशीट देखकर छात्र सन्न रहे गए। इसमें मार्कशीट तैयार करने की तिथि नवंबर, 2014 दर्ज है। यही स्थिति सभी 26 मार्कशीट की है। छात्रों ने इसकी शिकायत एसएन प्राचार्य से की। उनके निर्देश पर सभी मार्कशीट विवि लौटा दीं। कुलसचिव केएन सिंह का कहना है कि प्रिंटिंग की गड़बड़ी है। मार्कशीट तैयार करने वाली एजेंसी को हिदायत दी जाएगी। जल्द दुरुस्त करा दी जाएंगी।
फरवरी की स्पेलिंग तक गलत
मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट जैसे कोर्स की पढ़ाई कराने वाले विवि का शैक्षणिक स्तर भी दयनीय है। मार्कशीट में नाम-अंकों में गड़बड़ी तो आम बात है, स्पेलिंग तक गलत दर्ज है। एमबीबीएस की मार्कशीट में फरवरी की स्पेलिंग तक गलत है। जबकि, मार्कशीट-डिग्री प्रिंट करने से पहले इसकी विशेषज्ञ के जरिये प्रूफ रीडिंग की जाती है।
एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल (पार्ट-वन) सप्लीमेंट्री की परीक्षा फरवरी, 2015 में हुई। डेढ़ साल से मार्कशीट के लिए चक्कर काटने के बाद हाल ही में ये एसएन पहुंची हैं। मार्कशीट देखकर छात्र सन्न रहे गए। इसमें मार्कशीट तैयार करने की तिथि नवंबर, 2014 दर्ज है। यही स्थिति सभी 26 मार्कशीट की है। छात्रों ने इसकी शिकायत एसएन प्राचार्य से की। उनके निर्देश पर सभी मार्कशीट विवि लौटा दीं। कुलसचिव केएन सिंह का कहना है कि प्रिंटिंग की गड़बड़ी है। मार्कशीट तैयार करने वाली एजेंसी को हिदायत दी जाएगी। जल्द दुरुस्त करा दी जाएंगी।
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फरवरी की स्पेलिंग तक गलत
मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट जैसे कोर्स की पढ़ाई कराने वाले विवि का शैक्षणिक स्तर भी दयनीय है। मार्कशीट में नाम-अंकों में गड़बड़ी तो आम बात है, स्पेलिंग तक गलत दर्ज है। एमबीबीएस की मार्कशीट में फरवरी की स्पेलिंग तक गलत है। जबकि, मार्कशीट-डिग्री प्रिंट करने से पहले इसकी विशेषज्ञ के जरिये प्रूफ रीडिंग की जाती है।
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