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मुख्य परीक्षा से वंचित छात्र आज से भर सकेंगे फार्म
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा 2020-21 में शामिल होने से वंचित विद्यार्थी 18 अगस्त से परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे। फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्त है। वहीं, स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष के वह छात्र भी परीक्षा फार्म भर सकेंगे, जिनको प्रोन्नत किया जाना है, पर किसी वजह से परीक्षा फॉर्म भरने से रह गए थे।
13 अगस्त को हुई परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया था कि सत्र 2020-21 में बीए, बीएससी, बीकॉम वोकेशनल द्वितीय और तृतीय वर्ष और एमए, एमएससी, एमकॉम के द्वितीय वर्ष की मुख्य परीक्षा का फॉर्म न भर पाने की वजह से परीक्षा में शामिल नहीं हो सके हैं, उनको फॉर्म भरने का मौका दिया जाएगा। इसमें स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष के परीक्षा फॉर्म भरने से रह गए छात्रों को शामिल नहीं किया गया था। जबकि परीक्षा फॉर्म भरने वाले छात्रों को ही प्रोन्नत किया जाना है। तमाम छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव का कहना है कि परीक्षा समिति में भले स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों के फॉर्म भरने का प्रकरण नहीं रखा गया था, पर मौका इन्हें भी दिया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि छात्रों की संख्या के आधार पर केंद्र निर्धारण किया जाएगा। यदि छात्रों की संख्या कम रहती है तो प्रत्येक जिले के नोडल सेंटरों पर ही परीक्षा कराई जाएगी। संख्या अधिक होने पर केंद्र बढ़ाने भी पड़ते हैं तो पहले उन्हें मानकों पर परखा जाएगा।
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13 अगस्त को हुई परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया था कि सत्र 2020-21 में बीए, बीएससी, बीकॉम वोकेशनल द्वितीय और तृतीय वर्ष और एमए, एमएससी, एमकॉम के द्वितीय वर्ष की मुख्य परीक्षा का फॉर्म न भर पाने की वजह से परीक्षा में शामिल नहीं हो सके हैं, उनको फॉर्म भरने का मौका दिया जाएगा। इसमें स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष के परीक्षा फॉर्म भरने से रह गए छात्रों को शामिल नहीं किया गया था। जबकि परीक्षा फॉर्म भरने वाले छात्रों को ही प्रोन्नत किया जाना है। तमाम छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव का कहना है कि परीक्षा समिति में भले स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों के फॉर्म भरने का प्रकरण नहीं रखा गया था, पर मौका इन्हें भी दिया जा रहा है।
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विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि छात्रों की संख्या के आधार पर केंद्र निर्धारण किया जाएगा। यदि छात्रों की संख्या कम रहती है तो प्रत्येक जिले के नोडल सेंटरों पर ही परीक्षा कराई जाएगी। संख्या अधिक होने पर केंद्र बढ़ाने भी पड़ते हैं तो पहले उन्हें मानकों पर परखा जाएगा।
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