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आगरा मेट्रो की राह में रोड़ा: 30 किमी कॉरिडोर के नीचे बिछा भूमिगत लाइनों का जाल
Mon, 14 Dec 2020 06:00 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 14 Dec 2020 06:00 AM IST
सार
- पानी-सीवर-गैस-बिजली की 207 भूमिगत लाइनें
- 14 विभागों की हैं केबिल और पाइप लाइन
- 36 पाइप लाइन हैं पानी की
- 524 भूमिगत लाइनों की सूची सौंपी
- 317 लाइनें नहीं हटाई जाएंगी
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आगरा मेट्रो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा मेट्रो की राह में बिजली, पानी, सीवर, गैस और फाइबर की 207 पाइप लाइनें और केबिल रोड़ा बन सकती हैं। इन्हें निर्माण के दौरान ही शिफ्ट किया जाएगा। 30 किमी लंबे दोनों कॉरिडोर के नीचे 14 विभागों की 524 भूमिगत लाइन और केबिलों का जाल बिछा है। इनकी गहराई 1.5 से 6 मीटर तक है।
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उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) को 18 विभागों से सूची मिली है। इनमें 14 विभागों की 207 लाइनें डायवर्ट होंगी। इनमें सबसे ज्यादा पानी की 36 पाइपलाइन हैं। इनका व्यास 8 से 30 इंच तक है। ये पाइप लाइन कास्ट आयरन व पीवीसी निर्मित हैं। मेट्रो रूट के आड़े आने के कारण इन्हें हटाया जाएगा।
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यूपीएमआरसी के अधिकारी ने बताया कि जब जिस सेक्शन में काम शुरू होगा, वहां संबंधित विभागों को पहले सूचित किया जाएगा। कई लाइन ऐसी हैं जिन्हें संबंधित विभाग खुद हटाएंगे जबकि कुछ लाइनों को यूपीएमआरसी बदलेगी। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद कहीं कोई लाइन बिना जुड़े न रह जाए ये सुनिश्चित किया जाएगा।
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समानांतर लाइनें नहीं हटेंगी
मेट्रो रूट के समानांतर बिछी भूमिगत लाइनों को हटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ उन्हीं लाइन को हटाया जाएगा जो आड़े आएंगी। कुल 524 लाइनों में 317 लाइन व केबिल समानांतर बिछी हैं।
9 विभागों की समन्वय समिति बनी
मेट्रो के काम में कोई रुकावट न आए इसके लिए नगर निगम, जल निगम, एडीए समेत 9 विभागों की समन्वय समिति बनी है। डीएम प्रभु एन सिंह की अध्यक्षता में बनी कमेटी मेट्रो की राह में आने वाली अड़चनों को दूर करेगी।
विभाग उपयोगिता कुल लाइनें डायवर्ट गहराई
जलकल पानी पाइप 97 6 1.5 से 4 मीटर
जल निगम सीवर पाइप 38 13 3 से 6 मीटर
गेल गैस गैस पाइप 24 12 1.2 मीटर
ग्रीन गैस गैस लाइन 13 07 1 से 2 मीटर तक
टोरेंट पावर बिजली केबिल 34 14 1.5 से 2 मीटर तक
रेल टेल फाइबर केबिल 14 11 1.2 मीटर तक
पीजीसीआईएल फाइबर केबिल 09 05 1.5 मीटर तक
एयरटेल टेलीकॉम केबिल 64 25 1 से 2 मीटर तक
बीएसएनएल टेलीकॉम केबिल 58 18 1.2 मीटर तक
बीएसएनएल कॉपर केबिल 25 10 2 मीटर तक
एमटीआर फाइबर केबिल 27 12 2 मीटर तक
आईडिया टेलीकॉम केबिल 27 12 1.5 मीटर तक
वोडाफोन फाइबर केबिल 52 13 1.5 मीटर तक
टाटा टेलीकॉम केबिल 42 19 1.5 मीटर तक
सभी महकमे करेंगे इस पर काम
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्र ने बताया कि लाइनों को पहले से ही देखा जा रहा है ताकि मेट्रो का काम प्रभावित न हो। सभी महकमे इस पर काम करेंगे।
मेट्रो रूट के समानांतर बिछी भूमिगत लाइनों को हटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ उन्हीं लाइन को हटाया जाएगा जो आड़े आएंगी। कुल 524 लाइनों में 317 लाइन व केबिल समानांतर बिछी हैं।
9 विभागों की समन्वय समिति बनी
मेट्रो के काम में कोई रुकावट न आए इसके लिए नगर निगम, जल निगम, एडीए समेत 9 विभागों की समन्वय समिति बनी है। डीएम प्रभु एन सिंह की अध्यक्षता में बनी कमेटी मेट्रो की राह में आने वाली अड़चनों को दूर करेगी।
विभाग उपयोगिता कुल लाइनें डायवर्ट गहराई
जलकल पानी पाइप 97 6 1.5 से 4 मीटर
जल निगम सीवर पाइप 38 13 3 से 6 मीटर
गेल गैस गैस पाइप 24 12 1.2 मीटर
ग्रीन गैस गैस लाइन 13 07 1 से 2 मीटर तक
टोरेंट पावर बिजली केबिल 34 14 1.5 से 2 मीटर तक
रेल टेल फाइबर केबिल 14 11 1.2 मीटर तक
पीजीसीआईएल फाइबर केबिल 09 05 1.5 मीटर तक
एयरटेल टेलीकॉम केबिल 64 25 1 से 2 मीटर तक
बीएसएनएल टेलीकॉम केबिल 58 18 1.2 मीटर तक
बीएसएनएल कॉपर केबिल 25 10 2 मीटर तक
एमटीआर फाइबर केबिल 27 12 2 मीटर तक
आईडिया टेलीकॉम केबिल 27 12 1.5 मीटर तक
वोडाफोन फाइबर केबिल 52 13 1.5 मीटर तक
टाटा टेलीकॉम केबिल 42 19 1.5 मीटर तक
सभी महकमे करेंगे इस पर काम
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्र ने बताया कि लाइनों को पहले से ही देखा जा रहा है ताकि मेट्रो का काम प्रभावित न हो। सभी महकमे इस पर काम करेंगे।