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Taj Mahal: ताजमहल पर लगाई जाएंगी ऐसी मशीनें, जिनकी आवाज सुनते ही भाग जाएंगे बंदर; एक मशीन से होगा ट्रायल

Mon, 23 Sep 2024 09:30 AM IST
धीरेन्द्र सिंह देश दीपक तिवारी, अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 23 Sep 2024 09:30 AM IST
सार

ताजमहल पर ध्वनि तरंगों से बंदर भगाए जाएंगे। पर्यटन पुलिस चारों तरफ बैरियर पर अल्ट्रासोनिक मंकी रिपेलर मशीनें लगाएगी। इसकी ध्वनि बंदरों को भगाने का काम करेगी।
 

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Ultrasonic monkey repeller machines will be installed at the Tajmahal
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ताजमहल परिसर में और बाहर पर्यटकों को बंदर काट रहे हैं। उनके सामान छीन ले जाते हैं। इनकी रोकथाम के लिए पर्यटन पुलिस ने अल्ट्रासोनिक मंकी रिपेलर मशीनों की ध्वनि तरंगों से बंदरों को भगाने की योजना बनाई है।
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ताजमहल के पूर्वी व पश्चिमी गेट, स्मारक के अंदर और पार्किंग में सैकड़ों बंदर हैं। एक साल में बंदर के काटने की 20 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। विदेशी पर्यटक भी परेशान हैं। ताजमहल के चारों तरफ 11 पुलिस बैरियर है। हर बैरियर पर एक अल्ट्रासोनिक मशीन लगाई जाएगी। इससे निकलने वाली ध्वनि तरंगों से बंदर नहीं आएंगे। फिलहाल, एक मशीन से ट्रायल शुरू होगा। सफल रहा तो सभी 11 बैरियर पर मशीन लगाए जाएंगे। मशीनों की खरीद ऑनलाइन होगी। रिवाल्विंग फंड से मशीनों का भुगतान किया जाएगा। पिछले छह महीने में नगर निगम ने 450 बंदर पकड़ने का दावा किया है। फिर भी संरक्षित स्मारक पर बंदरों की समस्या जस की तस है।

 
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ऐसे काम करेगी मशीन
एसीपी ताज सुरक्षा सैयद अरीब अहमद ने बताया कि अल्ट्रासोनिक मंकी रिपेलर मशीन की रेंज 3500 वर्ग फीट या 325 वर्ग मीटर क्षेत्र में होगी। मशीन से निकलने वाली ध्वनि तरंगों को पर्यटक नहीं सुन पाएंगे लेकिन बंदरों के कानों पर इसका असर पड़ेगा। बंदर तरंगों की रेंज में नहीं आएंगे।

 
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सबसे अधिक कमाई
ताजमहल कमाई के मामले में आगे है। यहां विदेशी पर्यटक से 1100 रुपये और भारतीय से 50 रुपये टिकट शुल्क लिया जाता है। औसतन हर साल करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व सरकार को मिलता है। इसके बावजूद सुरक्षा से संरक्षण तक लापरवाही बरती जा रही है।

 
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