{"_id":"f49027ede2ad19ab681e963a34bb668d","slug":"ugc-open-treasure-lock-to-improve-education-level-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा की तस्वीर बदलने के लिए यूजीसी ने खोला खजाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा की तस्वीर बदलने के लिए यूजीसी ने खोला खजाना
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 18 Dec 2014 02:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्घ 752 कालेजों में शिक्षा की सूरत बदल सकती
विज्ञापन
है। यूजीसी इन कालेजों पर करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च करने को तैयार
है, लेकिन कालेज इसके लिए तैयार नहीं दिखते।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत देशभर में उच्च शिक्षा पर सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए यूजीसी ने सभी कालेजों को 32 पेज का एक फारमेट भरने को दिया है। लेकिन कालेज सही जानकारी देने से बच रहे हैं। अंबेडकर विश्वविद्यालय की कालेज डेवलपमेंट काउंसिल के निदेशक डा. विपिन अग्रवाल ने बताया कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार पूरे देश में एक लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी।
उत्तर प्रदेश में कालेजों और विश्वविद्यालयों पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वित्त पोषित कालेज को जहां 10 से 14 करोड़ रुपये दिए जा सकते हैं, वहीं सेल्फ फाइनेंस कालेजों को एक से चार करोड़ रुपये मिल सकते हैं। एक अनुमान के मुताबिक विश्वविद्यालय से संबद्घ कालेजों को एक हजार करोड़ रुपये तक मदद मिल सकती है, लेकिन इसके लिए कालेज की पूरी जानकारी देनी होगी।
फारमेट भरने में भी दिखाई सुस्ती
फारमेट भरकर यूजीसी को भेजने की आखिरी तिथि 30 दिसंबर है। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 52 वित्त पोषित व 700 स्ववित्त पोषित कालेज संबद्घ हैं। लेकिन अभी तक गिने-चुने सेल्फ फाइनेंस कालेज ने ही फारमेट में जानकारी दी है, वहीं वित्त पोषित कालेजों में से केवल 16 ने ही अपने आवेदन भेजे हैं।
फारमेट भरने के भी मिलेंगे रुपये
32 पेज के फारमेट में यूजीसी एक विषय की जानकारी भरने पर पांच हजार रुपये दे रही है। यानि अगर किसी कालेज में 20 विषय पढ़ाये जा रहे हैं तो सर्वे के लिए केवल फारमेट भरने वाले कालेज को एक लाख रुपये दिये जाएंगे। कालेज की दी गई जानकारी मानकों के अनुरूप पाई गई तो उसे क रोड़ाें की मदद मिलेगी।
काउंसिल अब मॉनीटरिंग भी करेगी
कालेज डेवलपमेंट काउंसिल यूजीसी के नये निर्देश के तहत सभी सरकारी, गैर सरकारी कालेजों में शिक्षा के स्तर की मानीटरिंग भी करेगी। सेल्फ फाइनेंस कालेजों में शिक्षा की गुणवत्ता तय करने के लिए यूजीसी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। समय समय पर सीडीसी कालेजों का दौरा कर वहां के हालात का जायजा लेगी और अपनी रिपोर्ट यूजीसी को देगी।
आज कालेजों के प्राचार्यों की वर्कशॉप
जनसंपर्क अधिकारी डा. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुवार सुबह 11 बजे खंदारी परिसर स्थित सभागार में सभी कालेज प्राचार्यों की बैठक बुलाई गई है। जिसमें सभी को फारमेट पर जानकारी देने के बारे में बताया जाएगा।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत देशभर में उच्च शिक्षा पर सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए यूजीसी ने सभी कालेजों को 32 पेज का एक फारमेट भरने को दिया है। लेकिन कालेज सही जानकारी देने से बच रहे हैं। अंबेडकर विश्वविद्यालय की कालेज डेवलपमेंट काउंसिल के निदेशक डा. विपिन अग्रवाल ने बताया कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार पूरे देश में एक लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी।
उत्तर प्रदेश में कालेजों और विश्वविद्यालयों पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वित्त पोषित कालेज को जहां 10 से 14 करोड़ रुपये दिए जा सकते हैं, वहीं सेल्फ फाइनेंस कालेजों को एक से चार करोड़ रुपये मिल सकते हैं। एक अनुमान के मुताबिक विश्वविद्यालय से संबद्घ कालेजों को एक हजार करोड़ रुपये तक मदद मिल सकती है, लेकिन इसके लिए कालेज की पूरी जानकारी देनी होगी।
फारमेट भरने में भी दिखाई सुस्ती
फारमेट भरकर यूजीसी को भेजने की आखिरी तिथि 30 दिसंबर है। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 52 वित्त पोषित व 700 स्ववित्त पोषित कालेज संबद्घ हैं। लेकिन अभी तक गिने-चुने सेल्फ फाइनेंस कालेज ने ही फारमेट में जानकारी दी है, वहीं वित्त पोषित कालेजों में से केवल 16 ने ही अपने आवेदन भेजे हैं।
फारमेट भरने के भी मिलेंगे रुपये
32 पेज के फारमेट में यूजीसी एक विषय की जानकारी भरने पर पांच हजार रुपये दे रही है। यानि अगर किसी कालेज में 20 विषय पढ़ाये जा रहे हैं तो सर्वे के लिए केवल फारमेट भरने वाले कालेज को एक लाख रुपये दिये जाएंगे। कालेज की दी गई जानकारी मानकों के अनुरूप पाई गई तो उसे क रोड़ाें की मदद मिलेगी।
काउंसिल अब मॉनीटरिंग भी करेगी
कालेज डेवलपमेंट काउंसिल यूजीसी के नये निर्देश के तहत सभी सरकारी, गैर सरकारी कालेजों में शिक्षा के स्तर की मानीटरिंग भी करेगी। सेल्फ फाइनेंस कालेजों में शिक्षा की गुणवत्ता तय करने के लिए यूजीसी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। समय समय पर सीडीसी कालेजों का दौरा कर वहां के हालात का जायजा लेगी और अपनी रिपोर्ट यूजीसी को देगी।
आज कालेजों के प्राचार्यों की वर्कशॉप
जनसंपर्क अधिकारी डा. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुवार सुबह 11 बजे खंदारी परिसर स्थित सभागार में सभी कालेज प्राचार्यों की बैठक बुलाई गई है। जिसमें सभी को फारमेट पर जानकारी देने के बारे में बताया जाएगा।