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UP TET Exam: टीईटी में दिखीं दो पीढ़ियां, बच्चों के साथ माता-पिता भी बने अभ्यर्थी; केंद्रों पर दी परीक्षा
Sun, 05 Jul 2026 02:27 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 05 Jul 2026 02:27 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में दो पीढि़यां एक साथ नजर आईं। शिक्षक माता-पिता जहां शिक्षक बने रहने के लिए परीक्षा दे रहे थे तो उनके बच्चे शिक्षक बनने के लिए परीक्षा में शामिल हुए।
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केंद्र से परीक्षा देकर बाहर आते अभ्यर्थी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के तीसरे दिन शनिवार को शिक्षा के प्रति समर्पण की एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। जिले में आयोजित परीक्षा के लिए 11,489 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की रही, जो पहले से विद्यालयों में कार्यरत हैं और नई व्यवस्था के तहत टीईटी अनिवार्य होने के कारण परीक्षा में शामिल हुए।
खास बात यह रही कि कई परिवारों में माता-पिता और उनके बेटे-बेटियां एक ही दिन टीईटी के अभ्यर्थी बने, लेकिन परीक्षा केंद्र अलग-अलग जिलों में पड़ने के कारण वे साथ परीक्षा भी नहीं दे सके। कोई पिता अपने केंद्र के लिए दूसरे जिले रवाना हुआ तो बेटा या बेटी किसी अन्य जिले के केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे। परिवार में पूरे दिन परीक्षा और सफर दोनों की चर्चा रही।
25 साल पढ़ाने वाले शिक्षक, बेटे के साथ बने अभ्यर्थी
उच्च माध्यमिक विद्यालय, भाधूजपुरा में अध्यापन करा हूं। करीब 25 वर्षों से लगातार बच्चों को पढ़ाने के कार्य कर रहा हूं। इस बार मैंने और बेटे दोनों ने टीईटी दी। बेटे का सपना शिक्षक बनना और मेरा शिक्षक पद पर बने रहना है। -सुघर सिंह, शिक्षक
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खास बात यह रही कि कई परिवारों में माता-पिता और उनके बेटे-बेटियां एक ही दिन टीईटी के अभ्यर्थी बने, लेकिन परीक्षा केंद्र अलग-अलग जिलों में पड़ने के कारण वे साथ परीक्षा भी नहीं दे सके। कोई पिता अपने केंद्र के लिए दूसरे जिले रवाना हुआ तो बेटा या बेटी किसी अन्य जिले के केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे। परिवार में पूरे दिन परीक्षा और सफर दोनों की चर्चा रही।
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25 साल पढ़ाने वाले शिक्षक, बेटे के साथ बने अभ्यर्थी
उच्च माध्यमिक विद्यालय, भाधूजपुरा में अध्यापन करा हूं। करीब 25 वर्षों से लगातार बच्चों को पढ़ाने के कार्य कर रहा हूं। इस बार मैंने और बेटे दोनों ने टीईटी दी। बेटे का सपना शिक्षक बनना और मेरा शिक्षक पद पर बने रहना है। -सुघर सिंह, शिक्षक
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बेटी के साथ की तैयारी, केंद्र अलग-अलग
प्राथमिक विद्यालय तेहरा द्वितीय में तैनात हूं। इस बार मैं और बेटी शैव्या भी टीईटी के अभ्यर्थी रहे। दोनों ने घर पर साथ बैठकर तैयारी की, लेकिन परीक्षा केंद्र अलग-अलग जिलों में मिलने के कारण दोनों को अलग-अलग स्थानों पर परीक्षा देने जाना पड़ा। -शैलेंद्र सिंह, शिक्षक
घुमावदार रहे प्रश्न, गणित में उलझे अभ्यर्थी
प्राथमिक स्तर ( 1 से 5) के लिए आयोजित टीईटी में इस बार प्रश्नों का स्तर मिश्रित रहा। अभ्यर्थी पूजा ने बताया कि गणित के प्रश्न अपेक्षाकृत घुमावदार रहे, जिससे उन्हें हल करने में अधिक समय लगा। वहीं, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र का प्रश्नपत्र सरल रहा। भाषा और पर्यावरण अध्ययन के प्रश्न भी सामान्य स्तर के रहे।
प्राथमिक विद्यालय तेहरा द्वितीय में तैनात हूं। इस बार मैं और बेटी शैव्या भी टीईटी के अभ्यर्थी रहे। दोनों ने घर पर साथ बैठकर तैयारी की, लेकिन परीक्षा केंद्र अलग-अलग जिलों में मिलने के कारण दोनों को अलग-अलग स्थानों पर परीक्षा देने जाना पड़ा। -शैलेंद्र सिंह, शिक्षक
घुमावदार रहे प्रश्न, गणित में उलझे अभ्यर्थी
प्राथमिक स्तर ( 1 से 5) के लिए आयोजित टीईटी में इस बार प्रश्नों का स्तर मिश्रित रहा। अभ्यर्थी पूजा ने बताया कि गणित के प्रश्न अपेक्षाकृत घुमावदार रहे, जिससे उन्हें हल करने में अधिक समय लगा। वहीं, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र का प्रश्नपत्र सरल रहा। भाषा और पर्यावरण अध्ययन के प्रश्न भी सामान्य स्तर के रहे।