मथुरा में बेकाबू बुखार: फरह के रहीमपुर में 10 वर्षीय बच्ची की मौत, कोह में वृद्ध ने दम तोड़ा
मथुरा में बुखार से अब तक करीब 24 मौत हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांवों में दौरा कर दवाइयों का वितरण कर रही है। वहीं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी लोगों को बीमारी के बचाव से जागरूक किया है।
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मथुरा में डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक बच्चों समेत 24 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। सोमवार को रहीमपुर में 10 साल के एक बच्चे ने दम तोड़ दिया, वहीं कोह में एक वृद्ध की मौत हो गई। स्थिति को देखते हुए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा व जिले के नोडल अफसर मयूर माहेश्वरी ने विभिन्न गांवों जाकर बातचीत की और स्वास्थ्य विभाग को दिशानिर्देश दिए। उधर, कोह में जांच के दौरान पांच बच्चों व सकरवा में एक महिला में डेंगू के लक्षण मिले हैं। महिला व बच्चों को वृंदावन के संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राल क्षेत्र के जचौंदा व फरह के गांव कोह में डेंगू ने पूरी तरह पांव पसार लिए हैं। दोनों ही गांव में दो सैकड़ा से अधिक लोग बीमार हैं। डॉक्टर विमल उपाध्याय ने बताया कि जचौंदा में हालात पूरी तरह कंट्रोल में हैं। उधर, गोवर्धन स्वास्थ्य केंद्र पर 3922 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। डॉ. वीएस सिसौदिया ने बताया कि भवनपुरा, अडींग, सौंख, जतीपुरा, नगला अक्खा में कैंप लगाकर 3922 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है।
गांव रहीमपुर में सोनम पुत्री रतन सिंह (10) की बुखार के कारण मौत हो गई। कोह में फिर एक 60 वर्षीय वृद्ध की मौत वायरल से बताई जा रही है। शिकायत होने पर पांच बच्चों स्वर्ण जयंती अस्पताल रेफर किया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. पारुल मित्तल ने बताया कि वृद्ध की मौत पहले से रीढ़ की हड्डी में परेशानी के कारण हुई है। उसे बुखार नहीं था।
ऊर्जा मंत्री ने संचारी रोगों की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की वर्चुअल समीक्षा की। इसमें जिला प्रशासन, चिकित्सा अधिकारियों के साथ प्रभावित 7 गांवों के ग्राम प्रधान भी जुड़े। कहा कि सभी विभागों में समन्वय हो और डीएम इन सभी कार्यों की सतत निगरानी करें। फरह, मथुरा, गोवर्धन, चौमुंहा और छाता ब्लॉक के प्रभावित गांवों के प्रधानों व अन्य लोगों से बात कर कहा कि सोर्स डिडक्शन कर शुरुआत में ही संक्रमण को रोकें। सघन सैनिटाइजेशन, डोर टू डोर सर्वे, घरों में कूलर का पानी साफ कराने, पोखर, तालाबों में सफाई- छिड़काव, एंटी लार्वा स्प्रे डालने, मछलियों को जलाशयों में छोड़ने, दवा, ब्लड टेस्ट, एंबुलेंस की समुचित व्यवस्था हो। उधर, बलदेव के दघेंटा में स्थिति सामान्य हो रही है। गांव दघेंटा में 4 बच्चों की मौत हो गई थी। सीएचसी प्रभारी डॉ. सोनू चतुर्वेदी ने बताया दो दिन में 456 लोगों ओपीडी के माध्यम से मरीजों को दवा दी गई है, 8 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
पिपरौठ पहुंचे नोडल अधिकारी
नोडल अधिकारी मयूर माहेश्वरी ने सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ के साथ फरह ब्लॉक के ग्राम पिपरौट का निरीक्षण किया। उन्होंने गांववासियों से बातचीत कर हाल जाना। फॉगिंग, साफ-सफाई, जलभराव की समस्याओं आदि के बारे में जानकारी ली।
चौमुहां और छाता में सीएमओ ने किया निरीक्षण
सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता ने चौमुंहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इसके बाद ग्राम बिडावली का भ्रमण किया। गांव बिडावली में 27 में से 17 बुखार के थे। चौमुंहा के चिकित्सा अधीक्षक को दवा किट गांव में बांटने के निर्देश दिए। तत्पश्चात विकास खंड छाता के रूप नगर में फूलगढ़ी ग्राम में स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। साथ ही सीएमओ ने फरह के डॉ. पारुल को हटाकर डॉ. गोपाल बाबू को सौंपा चार्ज दिया है। फरह में बुखार को कंट्रोल करने में विफल सीएचसी प्रभारी डॉ. पारुल को सीएमओ ने हटा दिया है। उनके स्थान पर डॉ. गोपाल बाबू की नई तैनाती की गई है।
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