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होली पर ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़
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टूंडला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढने के लिए रेलयात्रियों की भीड़
- फोटो : TUNDLA
टूंडला। रंगों के त्योहार होली पर सभी को होली से पूर्व घर पहुंचने की जल्दी है। इसी के चलते ट्रेनों में काफी भीड़ है। इस दौरान आरक्षण के अभाव में लोग अपनी जान की परवाह किए बिना ट्रेनों पर लटकर भी यात्रा कर रहे हैं। ग्रामीण परिवेश के यात्रियों का कहना है कि होली से दो दिन पूर्व का माहौल गांव का अलग ही होता है, जो वैमनस्यता को दूर करते हुए आपसी प्रेम बढ़ाता है, इसलिए जैसे भी हो गांव जरूर पहुंचना है।
होली पर्व पर सभी की इच्छा रहती है कि वह इस पर्व को अपने परिवार के साथ-साथ यार-दोस्तों के साथ मिलजुल कर मनायें। इसलिए पूर्व से तैयार लोग तो पहले से ही आरक्षण आदि करवाकर अपने घरों पर पहुंच चुके हैं तथा पहुंच रहे हैं। होली से पूर्व की छटा देखने व होली से पूर्व आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेने छोटी-मोटी प्राइवेट नौकरी वाले व मजदूर टाइप लोग होली से पूर्व अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने घर के लिए रवाना हो रहे हैं, परंतु ट्रेनों में भारी भीड़ होने के कारण लोगों को ट्रेन के डिब्बे में प्रवेश करने तक की जगह नहीं मिली रही।
ट्रेनों का आलम यह है कि डिब्बों के शौंचालय, दो कोचों के बीच वाला खाली स्थान, डिब्बे के दरबाजों पर लगे हैंडिल और उसके बाद भी लोगों को जगह नहीं मिली तो लोग जिंदगी की परवाह किये वगैर ट्रेनों की पायदानों पर लटकते हुए यात्रा कर रहे हैं। इस दौरान ट्रेनों के जनरल कोचों की हालत बेहद खराब है। इन कोचों में एक के ऊपर एक यात्री ढुंसे से प्रतीत हो रहे हैं। इस संदर्भ में जीआरपी प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेनों में लटकते यात्रियों को अंदर चढने के लिए हररोज प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि कोई घटना न हो, फिर ट्रेन के चलने पर यात्री स्वयं जान जोखिम में डालते हुए लटक जाते हैं।
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होली पर्व पर सभी की इच्छा रहती है कि वह इस पर्व को अपने परिवार के साथ-साथ यार-दोस्तों के साथ मिलजुल कर मनायें। इसलिए पूर्व से तैयार लोग तो पहले से ही आरक्षण आदि करवाकर अपने घरों पर पहुंच चुके हैं तथा पहुंच रहे हैं। होली से पूर्व की छटा देखने व होली से पूर्व आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेने छोटी-मोटी प्राइवेट नौकरी वाले व मजदूर टाइप लोग होली से पूर्व अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने घर के लिए रवाना हो रहे हैं, परंतु ट्रेनों में भारी भीड़ होने के कारण लोगों को ट्रेन के डिब्बे में प्रवेश करने तक की जगह नहीं मिली रही।
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ट्रेनों का आलम यह है कि डिब्बों के शौंचालय, दो कोचों के बीच वाला खाली स्थान, डिब्बे के दरबाजों पर लगे हैंडिल और उसके बाद भी लोगों को जगह नहीं मिली तो लोग जिंदगी की परवाह किये वगैर ट्रेनों की पायदानों पर लटकते हुए यात्रा कर रहे हैं। इस दौरान ट्रेनों के जनरल कोचों की हालत बेहद खराब है। इन कोचों में एक के ऊपर एक यात्री ढुंसे से प्रतीत हो रहे हैं। इस संदर्भ में जीआरपी प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेनों में लटकते यात्रियों को अंदर चढने के लिए हररोज प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि कोई घटना न हो, फिर ट्रेन के चलने पर यात्री स्वयं जान जोखिम में डालते हुए लटक जाते हैं।
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