{"_id":"00fc1dda2c29db4daef265aec8e888da","slug":"tourism-department-arise-question-on-bird-fest-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यटन जगत को रास नहीं आया ‘बर्ड फेस्टिवल’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यटन जगत को रास नहीं आया ‘बर्ड फेस्टिवल’
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
Updated Tue, 08 Dec 2015 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में पहली बार बर्ड फेस्टिवल के लिए खूब हो-हल्ला मचा। मुख्यमंत्री के अलावा दो मंत्री, मुख्य सचिव सहित प्रदेश के तमाम आला अफसर इस आयोजन को नई ऊंचाइयां देने का आह्वान करने को जुटे। मगर, जिनके भरोसे पर यह सब करने के सपने देखे जा रहे थे, उन्हें ही आयोजन से दूर रखा गया। इस पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।
तीन दिवसीय बर्ड फेस्टिवल के समापन के बाद सरकार भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो लेकिन पर्यटन जगत को आयोजन का स्थल और इसका क्रियान्वयन रास नहीं आया। दरअसल, इस फेस्टिवल से पर्यटन जगत को दूर रखा गया। खानापूर्ति के लिए पर्यटन जगत के ही ‘फाइव स्टार लॉबी’ से कुछ लोग जरूर आमंत्रित किए गए लेकिन जिन बजट क्लास होटलों में सबसे अधिक पर्यटक ठहरते हैं, उनमें से न तो किसी को आमंत्रित किया गया और न ही उन्हें आयोजन के बारे में जानकारी दी गई। यही कारण रहा कि 4 से 6 दिसंबर के बीच आयोजित बर्ड फेस्टिवल में 500 पर्यटक भी नहीं पहुंच सके। आयोजन में की गई उपेक्षा से बजट होटल से जुड़े लोगों का कहना है कि भविष्य में भी यदि इसी तरह का रवैया रहा तो इस फेस्टिवल का पर्यटन जगत को कोई लाभ नहीं मिल सकेगा। इधर, स्थानीय लोगों की उपेक्षा तो इस कदर की गई कि उनका सेमिनार में आना तो दूर प्रदर्शनी तक देखना नसीब नहीं हुआ।
400 बजट क्लास होटल हैं
शहर और इसके आसपास लगभग 400 बजट क्लास होटल हैं। अधिकांश पर्यटक इन्हीं होटलों में ठहरते हैं। फाइव स्टार होटल में ठहरने वाले पर्यटकों को वनों में घूमना कम ही पसंद होता है। अगर, बजट क्लास होटलों को आयोजन से जोड़ा जाता, यहां प्रचार-प्रसार के लिए पर्चे रखे जाते या फिर फेस्टिवल से संबंधित कोई बैनर लगाया जाता तो निश्चित ही इसका लाभ मिलता।
विज्ञापन
यदि इस आयोजन से बजट क्लास होटलों को जोड़ा जाता तो इस काफी संख्या में पर्यटकों को जोड़ा जा सकता था। अधिकांश पर्यटक इन्हीं होेटलों में ठहरते हैं। इस आयोजन का समय से प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। बहुत से लोगों को तो आमंत्रित तक नहीं किया गया।
- राकेश चौहान, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन
विज्ञापन
तीन दिवसीय बर्ड फेस्टिवल के समापन के बाद सरकार भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो लेकिन पर्यटन जगत को आयोजन का स्थल और इसका क्रियान्वयन रास नहीं आया। दरअसल, इस फेस्टिवल से पर्यटन जगत को दूर रखा गया। खानापूर्ति के लिए पर्यटन जगत के ही ‘फाइव स्टार लॉबी’ से कुछ लोग जरूर आमंत्रित किए गए लेकिन जिन बजट क्लास होटलों में सबसे अधिक पर्यटक ठहरते हैं, उनमें से न तो किसी को आमंत्रित किया गया और न ही उन्हें आयोजन के बारे में जानकारी दी गई। यही कारण रहा कि 4 से 6 दिसंबर के बीच आयोजित बर्ड फेस्टिवल में 500 पर्यटक भी नहीं पहुंच सके। आयोजन में की गई उपेक्षा से बजट होटल से जुड़े लोगों का कहना है कि भविष्य में भी यदि इसी तरह का रवैया रहा तो इस फेस्टिवल का पर्यटन जगत को कोई लाभ नहीं मिल सकेगा। इधर, स्थानीय लोगों की उपेक्षा तो इस कदर की गई कि उनका सेमिनार में आना तो दूर प्रदर्शनी तक देखना नसीब नहीं हुआ।
विज्ञापन
400 बजट क्लास होटल हैं
शहर और इसके आसपास लगभग 400 बजट क्लास होटल हैं। अधिकांश पर्यटक इन्हीं होटलों में ठहरते हैं। फाइव स्टार होटल में ठहरने वाले पर्यटकों को वनों में घूमना कम ही पसंद होता है। अगर, बजट क्लास होटलों को आयोजन से जोड़ा जाता, यहां प्रचार-प्रसार के लिए पर्चे रखे जाते या फिर फेस्टिवल से संबंधित कोई बैनर लगाया जाता तो निश्चित ही इसका लाभ मिलता।
विज्ञापन
यदि इस आयोजन से बजट क्लास होटलों को जोड़ा जाता तो इस काफी संख्या में पर्यटकों को जोड़ा जा सकता था। अधिकांश पर्यटक इन्हीं होेटलों में ठहरते हैं। इस आयोजन का समय से प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। बहुत से लोगों को तो आमंत्रित तक नहीं किया गया।
- राकेश चौहान, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन