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यूपीपीसीएल ने ब्लैक लिस्टेड कीं प्रदेश की तीन बिजली कंपनियां
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 29 Jul 2017 09:54 PM IST
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उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन आलोक कुमार ने कार्य में शिथिलता बरतने पर प्रदेश की तीन कंपनियों को काली सूची में शामिल करने का आदेश दिया है। इटावा की मैसर्स चौधरी कंस्ट्रक्शन कंपनी, गाजियाबाद की मै. पावर लाइन और आगरा की मै. महालक्ष्मी इंफ्रापॉवर को अगले एक साल तक के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इनसे कोई व्यापारिक कार्य नहीं लिया जाएगा।
चेयरमैन आलोक कुमार और प्रबंध निदेशक विशाल चौहान ने शनिवार को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कार्यालय पर री-स्ट्रक्चर्ड एफिरिलेटेड पावर डेवलपमेंट रिफार्म प्रोग्राम (एपीडीआरपी), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) तथा इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट प्रोग्राम (आईपीडीएस) योजनाओं की जनपदवार समीक्षा की।
इस दौरान इटावा की मै. चौधरी कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा झांसी में किए जा रहे कार्यों में लापरवाही उजागर हुई। कंपनी द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत कार्य काफी धीमी गति से किए जा रहे थे। इसी प्रकार डीडीयेजीजेवाई-आई नवीन योजना के अंतर्गत गाजियाबाद की मै. पावर लाइन द्वारा झांसी में ही 33/11 केवी नवीन उपकेंद्र (रेवन) के निर्माण कार्यों में लापरवाही बरती जा रही थी।
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विजन-16 के अंतर्गत कार्यरत आगरा की संस्था मै. महालक्ष्मी इंफ्रापॉवर लि. द्वारा ललितपुर में 33/11 केवी नवीन उपकेंद्रों के निर्माण के कार्यों में गड़बड़ी की जा रही थी। चेयरमैन ने इन तीनों कंपनियों को एक साल के लिए नई निविदा में भाग लेने के लिए व्यापार निषिद्ध करने का आदेश दिया है।
इस दौरान डीडीयूजीजेवाई-आई (पूर्ववर्ती आरजीजीवीवाई) 12वीं योजना के अंतर्गत कार्यरत कानपुर की कार्यदायी संस्था मै. एसपीबीएल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के शिथिल कार्य एवं संपूर्ण सिक्योरिटी जमा नहीं करने पर कंपनी से काम छीन लेने को कहा है। कंपनी द्वारा जनपद हमीरपुर, कानपुर नगर एवं कानपुर देहात में ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए किए गए अनुबंध को शार्ट क्लोज करते हुए शेष कार्य को नई निविदा के माध्यम से कराने का निर्देश दिया है।
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चेयरमैन आलोक कुमार और प्रबंध निदेशक विशाल चौहान ने शनिवार को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कार्यालय पर री-स्ट्रक्चर्ड एफिरिलेटेड पावर डेवलपमेंट रिफार्म प्रोग्राम (एपीडीआरपी), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) तथा इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट प्रोग्राम (आईपीडीएस) योजनाओं की जनपदवार समीक्षा की।
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इस दौरान इटावा की मै. चौधरी कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा झांसी में किए जा रहे कार्यों में लापरवाही उजागर हुई। कंपनी द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत कार्य काफी धीमी गति से किए जा रहे थे। इसी प्रकार डीडीयेजीजेवाई-आई नवीन योजना के अंतर्गत गाजियाबाद की मै. पावर लाइन द्वारा झांसी में ही 33/11 केवी नवीन उपकेंद्र (रेवन) के निर्माण कार्यों में लापरवाही बरती जा रही थी।
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विजन-16 के अंतर्गत कार्यरत आगरा की संस्था मै. महालक्ष्मी इंफ्रापॉवर लि. द्वारा ललितपुर में 33/11 केवी नवीन उपकेंद्रों के निर्माण के कार्यों में गड़बड़ी की जा रही थी। चेयरमैन ने इन तीनों कंपनियों को एक साल के लिए नई निविदा में भाग लेने के लिए व्यापार निषिद्ध करने का आदेश दिया है।
इस दौरान डीडीयूजीजेवाई-आई (पूर्ववर्ती आरजीजीवीवाई) 12वीं योजना के अंतर्गत कार्यरत कानपुर की कार्यदायी संस्था मै. एसपीबीएल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के शिथिल कार्य एवं संपूर्ण सिक्योरिटी जमा नहीं करने पर कंपनी से काम छीन लेने को कहा है। कंपनी द्वारा जनपद हमीरपुर, कानपुर नगर एवं कानपुर देहात में ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए किए गए अनुबंध को शार्ट क्लोज करते हुए शेष कार्य को नई निविदा के माध्यम से कराने का निर्देश दिया है।