मथुरा: गाजियाबाद में हुए सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत से परिवारों में मचा कोहराम
एआरटीओ के बाबू रविवार रात को अपने साथियों के साथ बस में सवार होकर हरिद्वार के लिए निकले थे। गाजियाबाद में इनकी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
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गाजियाबाद में हुए सड़क हादसे में मथुरा के तीन युवकों की मौत से परिवारों में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। मरने वालों में एक एआरटीओ कार्यालय का बाबू तो एक बस संचालक था, वहीं तीसरा पेशे से चालक था। यह सभी हरिद्वार गंगाजी नहाने के लिए जाते हुए हादसे का शिकार हुए।
एआरटीओ कार्यालय में तैनात बाबू हर्ष गौतम (34) पुत्र सत्यवीर गौतम निवासी पटेल नगर, महोली रोड साथियों बस संचालक मनीष चौधरी (42) पुत्र राजवीर सिंह, सुबोध यादव (35) पुत्र निहाल सिंह और मंजीत चौधरी, इफ्तिखार के संग हरिद्वार गंगा स्नान के लिए रविवार की रात आठ बजे राया के कूम्हा से निकले।
गाजियाबाद में सड़क हादसे में बाबू, मनीष और सुबोध यादव की मौत की खबर लगते ही तीनों घरों में कोहराम मच गया। तीनों के परिवार के सदस्य गाजियाबाद के लिए निकल गए। परिवारों को ढांढस बंधाने के लिए पड़ोस के लोग आ गए। हर्ष और सुबोध के छोटे बच्चे हैं।
तीनों मृतकों की पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
एआरटीओ के बाबू हर्ष गौतम की पत्नी के छह माह पूर्व ही जुड़वां बेटे हुए थे। शुभ और शौर्य को गोदी में लिए पत्नी चंचल गौतम का रो-रोकर बुरा हाल है। बार-बार पछाड़ खाकर गिर रही थी। कुछ ऐसा ही हाल सुबोध की पत्नी शशि और दोनों बेटों लक्की (8) और लव (5) का रहा। बार-बार पिता की याद करके दोनों सहम रहे हैं।
बस संचालक मनीष चौधरी की पत्नी शिवानी और बेटा कुनाल (18), बेटी जयसरीन (20) का भी रो-रोकर बुरा हाल था। मूलत: राया के कूम्हा के रहने वाले मनीष महोली रोड पर शांतिनगर में परिवार के संग रह रहे थे। तीनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
हर्ष गौतम की गाड़ी से गए थे सभी दोस्त
जिस गाड़ी से पांचों गए वह हर्ष गौतम की बताई जा रही है। इस गाड़ी को हर्ष गौतम ही चला रहे थे। आखिर ऐसा क्या हुआ जो कि गाड़ी डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हालांकि दो को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।