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मथुरा की 200 कॉलोनियां पर संकट: CM Yogi के इस निर्देश के बाद उड़ी हजारों परिवारों की नींद, ...चलेगा बुलडोजर!
Thu, 27 Jul 2023 10:11 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 27 Jul 2023 10:11 PM IST
सार
मथुरा में एक ओर जहां बाढ़ की दहशत है तो वहीं यहां दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने ऐसे निर्देश दिए हैं, जिससे 200 कॉलोनियों के हजारों परिवारों की नींद उड़ी हुई है।
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CM Yogi Mathura Visit:
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा में यमुना की बाढ़ से जूझते खादर में बसे हजारों परिवारों की नींद उड़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खादर में अवैध निर्माण पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए अधिकारियों को लोगों के पुनर्वास के साथ अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। मथुरा-वृंदावन में करीब दो सौ कॉलोनियां इस दायरे में आ सकती हैं।
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वृंदावन स्थित रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम के कार्यक्रम में शामिल होने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले यमुना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हेलीकॉप्टर से जायजा लिया। इस दौरान उन्हें यमुना की धारा के साथ बड़ी संख्या में कॉलोनियां नजर आईं। इस पर अधिकारियों के साथ बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने खादर के अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए। कहा था कि यहां रह रहे लोगों का पुनर्वास किया जाए।
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मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र के कोयला अलीपुर से वृंदावन के बीच करीब 25 किलोमीटर के दायरे में खादर में करीब दो सौ कॉलोनियां बस गई हैं। भले ही खादर क्षेत्र निर्माण की दृष्टि से प्रतिबंधित है, लेकिन निर्माण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। एक के बाद एक नई अवैध कॉलोनियां इस क्षेत्र में तेजी से अस्तित्व में आ रही हैं।
खादर की जमीन 50-100 वर्ग गज के टुकड़ों में बेची जा रही है। इसे न केवल निबंधन विभाग नजरंदाज किए हुए हैं, बल्कि यहां हो रहे अवैध निर्माण पर विकास प्राधिकरण और सिंचाई अधिकारी भी खामोश हैं। इसमें सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित जयसिंहपुरा क्षेत्र में गणेश टीला के नीचे 50 से अधिक कॉलोनियां हैं। खादर में अवैध कॉलोनियों वाले कॉलोनाइजरों की पकड़ सरकारी महकमों में इस कदर है कि यहां सड़क, पानी, बिजली की उपलब्धता करा दी है। मंदिर और मस्जिद तक बन गए हैं। यह सब एक दशक के दौरान देखने को मिला है। गोकुुल बैराज से कोयला अलीपुर के बीच अवैध कॉलोनियों के बनने का दौर अभी भी बरकरार है। वृंदावन में तो यमुना की धारा पर ही बहुमंजिला भवन शासन को मुंह चिढ़ा रहे हैं।