{"_id":"68adfb4deb717e28fb00d93f","slug":"there-is-no-relief-from-flood-water-level-increased-by-seven-centimeters-kasganj-news-c-175-1-kas1001-136248-2025-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: नहीं मिल रही बाढ़ से निजात, सात सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: नहीं मिल रही बाढ़ से निजात, सात सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर
Tue, 26 Aug 2025 11:52 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 26 Aug 2025 11:52 PM IST
विज्ञापन
पटियाली के गांव मूंजखेड़ा में भरा बाढ़ का पानी ।
- फोटो : पटियाली के गांव मूंजखेड़ा में भरा बाढ़ का पानी ।
कासगंज। जिले के बाढ़ प्रभावित इलाके के ग्रामीणों को बाढ़ के प्रकोप से निजात नहीं मिल पा रही। ग्रामीण बेहद परेशान हैं। उनकी फसलें खेतों में पानी भरा रहने से बर्बाद हो गईं। बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी की निकासी नहीं हो पा रही। वहीं गंगा के जलस्तर में लगातार उतार चढ़ाव का क्रम बना हुआ है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर 7 सेंटीमीटर बढ़ गया जो खतरे के स्तर से करीब 11 सेंटीमीटर ऊपर है।
नरौरा बैराज से मंगलवार को प्रवाह बढ़ गया। 24 घंटे में करीब 9 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह बढ़ गया। इससे जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन हरिद्वार व बिजनौर के प्रवाह में कुछ कमी आई है। यदि इन बैराजों का प्रवाह फिर नहीं बढ़ा तो एक दो दिन के बाद राहत मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी। क्योंकि ग्रामीण पिछले 25 दिनों से बाढ़ की आपदा का सामना कर रहे हैं। गंगा के तटवर्ती गांव मूंजखेड़ा, नगला हंसी, नगला जयकिशन, राजेपुर कुर्रा, नगला तरसी, नगला खंदारी, नेथरा, इंद्राजसनपुर, मेहोला, नवाबगंज नगरिया, टिकुरी गठौरा, कुसौल, जिझोल, पनसोती, अलीपुर भकुरी, रिकहरा, गठैरा, नरदौली पुख्ता सहित आस पास के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी भरा है। वहीं सहावर के अजीतनगर, उलाई, रफातपुर, शहवाजपुर, बमनपुरा, चकरा, नगला ढाव, नगला चोखे सहित आस पास के तमाम गांव में पानी भरा हुआ है। खेतों में फसलें पानी भरा होने के कारण बर्बाद हो चुकी हैं और पीली पड़कर खेतों में ही गिरने लगी हैं। नगला जयकिशन के ग्रामीण उर्वेश कुमार ने बताया कि पानी लगातार भरा हुआ है। इससे मकानों की नींव भी कमजोर हो गई हैं। दिक्कतें काफी बढ़ी हैं। ग्रामीण आपदा में फंसे हुए हैं।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 139914 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 144807 क्यूसेक
नरौरा बैराज से- 143514 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.51 मीटर के निशान पर
बाढ़ का स्तर
- खतरे का स्तर - 162.40 मीटर के निशान पर
- हाईफ्लड लेवल- 162.91 मीटर के निशान पर
विज्ञापन
नरौरा बैराज से मंगलवार को प्रवाह बढ़ गया। 24 घंटे में करीब 9 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह बढ़ गया। इससे जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन हरिद्वार व बिजनौर के प्रवाह में कुछ कमी आई है। यदि इन बैराजों का प्रवाह फिर नहीं बढ़ा तो एक दो दिन के बाद राहत मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी। क्योंकि ग्रामीण पिछले 25 दिनों से बाढ़ की आपदा का सामना कर रहे हैं। गंगा के तटवर्ती गांव मूंजखेड़ा, नगला हंसी, नगला जयकिशन, राजेपुर कुर्रा, नगला तरसी, नगला खंदारी, नेथरा, इंद्राजसनपुर, मेहोला, नवाबगंज नगरिया, टिकुरी गठौरा, कुसौल, जिझोल, पनसोती, अलीपुर भकुरी, रिकहरा, गठैरा, नरदौली पुख्ता सहित आस पास के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी भरा है। वहीं सहावर के अजीतनगर, उलाई, रफातपुर, शहवाजपुर, बमनपुरा, चकरा, नगला ढाव, नगला चोखे सहित आस पास के तमाम गांव में पानी भरा हुआ है। खेतों में फसलें पानी भरा होने के कारण बर्बाद हो चुकी हैं और पीली पड़कर खेतों में ही गिरने लगी हैं। नगला जयकिशन के ग्रामीण उर्वेश कुमार ने बताया कि पानी लगातार भरा हुआ है। इससे मकानों की नींव भी कमजोर हो गई हैं। दिक्कतें काफी बढ़ी हैं। ग्रामीण आपदा में फंसे हुए हैं।
विज्ञापन
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 139914 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 144807 क्यूसेक
नरौरा बैराज से- 143514 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.51 मीटर के निशान पर
बाढ़ का स्तर
- खतरे का स्तर - 162.40 मीटर के निशान पर
- हाईफ्लड लेवल- 162.91 मीटर के निशान पर