फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   The degree of Ayurveda and the operation of the kidneys, stones

आयुर्वेद की डिग्री और कर रहे थे गुर्दे, पथरी के आपरेशन, डॉक्टरों ने कहा हो सख्त कार्रवाई

Wed, 12 Sep 2018 12:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Wed, 12 Sep 2018 12:09 AM IST
विज्ञापन
The degree of Ayurveda and the operation of the kidneys, stones
हास्पिटल पर छापा। - फोटो : अमर उजाला

आगरा के स्वास्थ्य विभाग ने शाहगंज स्थित डा. एससी राय मेमोरियल एंड चेरीटेबिल पॉली क्लीनिक पर छापा मारकर ओपीडी बंद करा दी है। इसके

विज्ञापन

संचालक सुफल राय खुद को बीएएमएस, एमएस (एसटीडी) जनरल सर्जन बताकर गुर्दे, पथरी समेत कई गंभीर रोगों के आपरेशन करने के विशेषज्ञ बने हुए
थे। पर्चे पर भी यही लिखा हुआ था, लेकिन डिग्री नहीं दिखा पाए। नोटिस देकर चिकित्सकीय प्रमाणपत्र तलब किए हैं।

टीम मंगलवार की दोपहर साढ़े बारह बजे यहां पहुंची तो मरीजों की भारी भीड़ थी। रजिस्टर में 88वां नंबर चल रहा था। कमरों में बायोमेडिकल वेस्ट पड़ा
था। खून से सने ग्लब्स और गॉज भी मिले। संचालक सुफल राय के पर्र्चे पर गुर्दा, पथरी, मूत्र नली, चर्म, यौन, बवासीर, साइनस, भगंदर समेत कई गंभीर
बीमारियों का स्थायी इलाज करने की विशेषज्ञता लिखी थी। बेड और बेहोशी के डाक्टर की फीस भी अंकित थी।

सुफल राय ने खुद को जनरल सर्जन बताया। टीम ने जब इनकी डिग्री और प्रमाणपत्र मांगे तो दिखा नहीं पाए। मेडिकल स्टोर भी संचालित मिला।  क्लीनिक आयुर्वेद विभाग में पंजीकृत बताई। इलाज एलोपैथी से किया जा रहा था। अपंजीकृत अस्पताल के नोडल प्रभारी डा. नंदन सिंह ने बताया कि ओपीडी बंद कराते हुए प्रमाणपत्र तलब किए हैं। पूर्व में भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इनकी एक क्लीनिक फिरोजाबाद में भी बताई गई है, जांच कराई जा रही है। 

विज्ञापन
Trending Videos

बाप-बेटे एक क्लीनिक में रहे थे इलाज

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शाहगंज में आनंद क्लीनिक एवं डेंटल केयर पर छापा मारा। यह डा. एमडी आनंदानी के नाम से आयुर्वेद विभाग में पंजीकृत
था। इसी में उनका बेटा डा. एके आनंद दांतों के मरीजों का इलाज कर रहा था। इसका पंजीकरण नहीं था। इसकी केबिन बंद कराते हुए दोनों की ओपीडी
पर रोक लगा दी है। टीम ने दोनों से चिकित्सकीय प्रमाणपत्र, पंजीकरण एवं अन्य विभागों की एनओसी मांगी है। 
 
आयुर्वेद क्लीनिक का लाइसेंस निरस्त 

आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधिकारी ने कमला नगर स्थित डा. प्रदीप तिवारी की क्लीनिक का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। बताया गया कि संचालक डा.
तिवारी ने अपनी क्लीनिक का लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। इसके चलते लाइसेंस निरस्त किया गया है। 

एलोपैथी में बीएएमएस, एमएस (एसटीडी) कोई डिग्री नहीं होती। ऐसे लोग आपरेशन कर मरीजों की जान से खेल रहे हैं, सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। 
डा. रविंद्र मोहन पचौरी, अध्यक्ष आईएमए 

- बीएएमएस, एमएस (एसटीडी) लिखा है, मतलब वह एमएस के स्टूडेंट हैं। ये पर्चे पर लिखी बीमारियों से संबंधित आपरेशन नहीं कर सकते। इसकी जांच
कराई जाएगी। 
डा. नरेंद्र कुमार, आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed