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Teachers' Day 2020 : प्रधानाध्यापिका मीना कुमारी ने सतत प्रयासों से स्कूल को बना दिया सर्वश्रेष्ठ
Sat, 05 Sep 2020 10:17 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 05 Sep 2020 10:17 AM IST
सार
- रुचिकर शिक्षा और छात्र संसद का गठन कर विद्यालय में बढ़ाई विद्यार्थियों की संख्या
- अभिभावकों के साथ समय-समय पर की बैठक, उनके सुझावों को भी लाईं अमल में
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प्रधानाध्यापिका मीना कुमारी सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के विकास खंड खेरागढ़ में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका मीना कुमारी सिंह ने शिक्षण कार्य को अपना ध्येय बना लिया है। उन्होंने विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए छात्र संसद का गठन किया। अभिभावकों के साथ बैठक कर उनके सुझावों पर अमल भी किया गया। उनके सतत प्रयासों का परिणाम यह है कि आज यह विद्यालय सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों में शुमार है।
मीना ने वर्ष 2011 में उस समय विद्यालय का चार्ज संभाला जब विद्यालय में छात्रों की संख्या न के बराबर थी और स्कूल की प्रधानाध्यापिका लंबे अवकाश पर चल रहीं थी। स्कूल की पूरी जिम्मेदारी मीना पर आ पड़ी और उन्होंने कुछ कर गुजरने का निश्चय किया। छात्र संख्या बढ़ाने और पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए मीना ने छात्र संसद का गठन किया। वहीं अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये संदर्भ समूह का गठन किया।
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इसका परिणाम यह हुआ कि विद्यालय में 45 प्रतिशत तक नामांकन संख्या में इजाफा हो गया। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2016 में और 2018 में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने दिल्ली में सम्मानित किया। पहली कक्षा की छात्रा आफरीन को राज्य स्तरीय कॉमिक्स चित्रण प्रतियोगिता में विजेता रही।
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मीना ने वर्ष 2011 में उस समय विद्यालय का चार्ज संभाला जब विद्यालय में छात्रों की संख्या न के बराबर थी और स्कूल की प्रधानाध्यापिका लंबे अवकाश पर चल रहीं थी। स्कूल की पूरी जिम्मेदारी मीना पर आ पड़ी और उन्होंने कुछ कर गुजरने का निश्चय किया। छात्र संख्या बढ़ाने और पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए मीना ने छात्र संसद का गठन किया। वहीं अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये संदर्भ समूह का गठन किया।
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इसका परिणाम यह हुआ कि विद्यालय में 45 प्रतिशत तक नामांकन संख्या में इजाफा हो गया। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2016 में और 2018 में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने दिल्ली में सम्मानित किया। पहली कक्षा की छात्रा आफरीन को राज्य स्तरीय कॉमिक्स चित्रण प्रतियोगिता में विजेता रही।
शिक्षक ग्याप्रसाद शाक्य
- फोटो : अमर उजाला
सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षा की अलख जगा रहे ग्याप्रसाद
बिजौली के शिक्षक ग्याप्रसाद शाक्य सेवानिवृत्त होने के बाद भी गरीबी से जूझ रहे परिवार के बच्चों की जिंदगी में शिक्षा का उजाला कर रहे है। शिक्षकों वैश्विक महामारी कोरोना में भी साइकिल से हर रोज दो स्कूलों में पहुंचने वाले ग्याप्रसाद शाक्य कहते हैं कि स्कूल में पढ़ाये बिना उन्हें नींद नहीं आती।
बिजौली गांव के ग्याप्रसाद शाक्य (68) पुत्र राम सनेही शाक्य ने आर्थिक तंगी के बीच अपनी पढ़ाई की और शिक्षक बनकर गरीब तबके के बच्चों को पढ़ाने का संकल्प लिया। 1979 में हिंगोट खेड़ा के प्राइमरी स्कूल में नौकरी लग गई।
2014 में सिलपोली के जूनियर हाईस्कूल से सेवानिवृत्त हुए। उसके बाद भी अपने संकल्प के मुताबिक रोजाना दो परिषदीय स्कूलों में साइकिल से बिना किसी लोभ लालच के पढ़ाने रोजाना जा रहे है।
बिजौली के शिक्षक ग्याप्रसाद शाक्य सेवानिवृत्त होने के बाद भी गरीबी से जूझ रहे परिवार के बच्चों की जिंदगी में शिक्षा का उजाला कर रहे है। शिक्षकों वैश्विक महामारी कोरोना में भी साइकिल से हर रोज दो स्कूलों में पहुंचने वाले ग्याप्रसाद शाक्य कहते हैं कि स्कूल में पढ़ाये बिना उन्हें नींद नहीं आती।
बिजौली गांव के ग्याप्रसाद शाक्य (68) पुत्र राम सनेही शाक्य ने आर्थिक तंगी के बीच अपनी पढ़ाई की और शिक्षक बनकर गरीब तबके के बच्चों को पढ़ाने का संकल्प लिया। 1979 में हिंगोट खेड़ा के प्राइमरी स्कूल में नौकरी लग गई।
2014 में सिलपोली के जूनियर हाईस्कूल से सेवानिवृत्त हुए। उसके बाद भी अपने संकल्प के मुताबिक रोजाना दो परिषदीय स्कूलों में साइकिल से बिना किसी लोभ लालच के पढ़ाने रोजाना जा रहे है।