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Online Attendance : ऑनलाइन हाजिरी के तनाव से आगरा में एक शिक्षक की तबीयत हो गई खराब, ले जाना पड़ा अस्पताल

Sun, 14 Jul 2024 12:22 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 14 Jul 2024 12:22 AM IST
सार

ऑनलाइन हाजिरी को लेकर आगरा में तनाव से शिक्षक की तबीयत खराब हो गई। उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। 

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Teacher health deteriorated due to stress over online attendance in Agra
ऑनलाइन हाजिरी: आगरा में तनाव से शिक्षक की तबीयत हो गई खराब - फोटो : संवाद

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में शिक्षक परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार को एत्मादपुर ब्लॉक के बरहन मुरलीधरपुर कंपोजिट विद्यालय में एक शिक्षक की तबीयत खराब हो गई। उन्हें उपचार के लिए चिकित्सक के पास ले जाना पड़ा। उनका ब्लड प्रेशर लो हो गया था।

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विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक प्रेम सिंह का कहना है कि ऑनलाइन हाजिरी का आदेश आने के बाद से सभी शिक्षक परेशान हैं। उनके भी दिमाग में हमेशा यही रहता है कि कैसे हाजिरी लगाएंगे। वह 35 किमी दूर से आते हैं। प्रधान, प्रशासनिक अधिकारियों का भी दबाव था। दोपहर में स्कूल में बिजली भी नहीं आ रही थी। तभी ब्लड प्रेशर लो हो गया। ऐसा आदेश वापस होना चाहिए।

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माध्यमिक शिक्षक संघ ने किया विरोध

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में बॉयोमेट्रिक हाजिरी से वेतन बिल जारी करने के आदेश से शिक्षक संगठन में हलचल शुरू हो गई है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि सहायता प्राप्त विद्यालयों में व्यवस्था लागू की गई तो विरोध किया जाएगा। पूर्व में भी यह व्यवस्था लागू नहीं करने दी गई थी। जिले में करीब 39 राजकीय महाविद्यालय हैं, जिनका वेतन अब बॉयोमेट्रिक हाजिरी के हिसाब से जारी होगा।

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माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के मंडलीय मंत्री अजय शर्मा का कहना है कि शिक्षक अनपढ़ नहीं होते है, जो हाजिरी के लिए अंगूठा लगाए। पहले भी बॉयोमेट्रिक हाजिरी का विरोध किया गया था। अब दोबारा से सहायता प्राप्त विद्यालयों में जबरदस्ती यह नियम लागू किया गया, तो विरोध किया जाएगा।


शिक्षक सुशील लवानिया का कहना है कि राजकीय विद्यालयों में कैमरे और इंटरनेट की व्यवस्था की गई है। वहां पर बॉयोमेट्रिक से शिक्षक हाजिरी लगा सकते हैं लेकिन सहायता प्राप्त विद्यालयों में सुविधाओं का अभाव है। पहले इन स्कूलों की तस्वीर सुधारने की जरूरत है।

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