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‘फास्ट ट्रैक’ से पहले ही उतर गई थी ताजनगरी
अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 24 May 2016 11:30 PM IST
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ताजनगरी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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देश के 13 नए फास्ट ट्रैक स्मार्ट सिटी की घोषणा कर दी गई है। इसमें प्रदेश से सिर्फ राजधानी लखनऊ को ही मौका मिला है। इसमें प्रदेशों की राजधानी या फिर नामित शहरों को ही मौका दिया गया था। इस दौड़ में अपना शहर नहीं था। प्रदेश की तरफ से सूबे की राजधानी का ही नाम भेजा गया था।
बता दें कि पिछले साल केंद्र सरकार ने देश के सौ शहरों को स्मार्ट बनाए जाने की घोषणा की थी। इसमें अपने शहर का भी नाम शामिल था। हर साल 20 शहरों को चुना जाना था। मगर, इसमें आगरा पिछड़ गया था। शहर ने एकजुटता दिखाते हुए स्मार्ट सिटी के लिए न सिर्फ अपने सुझाव साझा किए थे, बल्कि रिकॉर्ड वोटिंग भी की थी। इसके बावजूद अपने शहर को मौका नहीं मिल पाया था। हालांकि जानकारों की मानें तो पहली दौड़ में पिछड़ने का कारण कमजोर प्रस्ताव रहा था। प्रस्ताव तैयार करने वाली कंपनी अरबन मैनेजमेंट सेंटर की सतही प्रस्ताव तैयार किया था। इसमें आर्थिक पहलुओं को नजरअंदाज किया गया था। बहराल पहली सूची में कई प्रदेशों के एक भी शहर का प्रतिनिधित्व नहीं हो पाया था। इसके चलते फास्ट ट्रैक कंप्टीशन के आधार पर प्रदेशों की राजधानी या नामित शहरों को शामिल किया गया। इसमें उच्च रैंकिंग वाले 23 राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 23 शहरों ने हिस्सा लिया था। इन्हें गत जनवरी में पहले दौर की प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया था। 28 जनवरी को घोषित ‘स्मार्ट सिटी चैलेंज कंप्टीशन’ में 20 स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरों की सूची में मात्र 12 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों को प्रतिनिधित्व मिल पाया था। बता दें कि दूसरे चरण के लिए भी कवायद शुरू हो गई है। 15 जून तक शेष शहरों को अपने प्रस्ताव तैयार करके केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को सौंपने हैं। इस बार स्मार्ट सिटी के लिए शहर का प्रस्ताव क्रिसिल कंपनी द्वारा तैयार किया जा रहा है।
ग्रीन फील्ड एरिया में बदलाव
क्रिसिल कंपनी ने मंगलवार को नगर आयुक्त के समक्ष स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव का प्रजेंटेशन दिया। पिछले प्रस्ताव की अपेक्षा इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव ग्रीन फील्ड एरिया का है। पिछले प्रस्ताव में इसके लिए एत्मादपुर मदरा को रखा गया था। जानकारों की मानें तो पहले दौर की प्रतियोगिता में पिछड़ने के कई कारणों में से एक कारण यह भी था। इस बार आगरा किला और जामा मस्जिद के क्षेत्र को शामिल किया गया है। ताजमहल के आसपास का क्षेत्र इसमें पहले से ही शामिल हैं। नगर आयुक्त इंद्रविक्रम सिंह के अनुसार, प्रस्ताव लगभग तैयार हो चुका है। इस पर मंथन किया जा रहा है। इसमें कुछ और बदलाव किया जाना संभव है।
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बता दें कि पिछले साल केंद्र सरकार ने देश के सौ शहरों को स्मार्ट बनाए जाने की घोषणा की थी। इसमें अपने शहर का भी नाम शामिल था। हर साल 20 शहरों को चुना जाना था। मगर, इसमें आगरा पिछड़ गया था। शहर ने एकजुटता दिखाते हुए स्मार्ट सिटी के लिए न सिर्फ अपने सुझाव साझा किए थे, बल्कि रिकॉर्ड वोटिंग भी की थी। इसके बावजूद अपने शहर को मौका नहीं मिल पाया था। हालांकि जानकारों की मानें तो पहली दौड़ में पिछड़ने का कारण कमजोर प्रस्ताव रहा था। प्रस्ताव तैयार करने वाली कंपनी अरबन मैनेजमेंट सेंटर की सतही प्रस्ताव तैयार किया था। इसमें आर्थिक पहलुओं को नजरअंदाज किया गया था। बहराल पहली सूची में कई प्रदेशों के एक भी शहर का प्रतिनिधित्व नहीं हो पाया था। इसके चलते फास्ट ट्रैक कंप्टीशन के आधार पर प्रदेशों की राजधानी या नामित शहरों को शामिल किया गया। इसमें उच्च रैंकिंग वाले 23 राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 23 शहरों ने हिस्सा लिया था। इन्हें गत जनवरी में पहले दौर की प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया था। 28 जनवरी को घोषित ‘स्मार्ट सिटी चैलेंज कंप्टीशन’ में 20 स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरों की सूची में मात्र 12 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों को प्रतिनिधित्व मिल पाया था। बता दें कि दूसरे चरण के लिए भी कवायद शुरू हो गई है। 15 जून तक शेष शहरों को अपने प्रस्ताव तैयार करके केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को सौंपने हैं। इस बार स्मार्ट सिटी के लिए शहर का प्रस्ताव क्रिसिल कंपनी द्वारा तैयार किया जा रहा है।
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ग्रीन फील्ड एरिया में बदलाव
क्रिसिल कंपनी ने मंगलवार को नगर आयुक्त के समक्ष स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव का प्रजेंटेशन दिया। पिछले प्रस्ताव की अपेक्षा इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव ग्रीन फील्ड एरिया का है। पिछले प्रस्ताव में इसके लिए एत्मादपुर मदरा को रखा गया था। जानकारों की मानें तो पहले दौर की प्रतियोगिता में पिछड़ने के कई कारणों में से एक कारण यह भी था। इस बार आगरा किला और जामा मस्जिद के क्षेत्र को शामिल किया गया है। ताजमहल के आसपास का क्षेत्र इसमें पहले से ही शामिल हैं। नगर आयुक्त इंद्रविक्रम सिंह के अनुसार, प्रस्ताव लगभग तैयार हो चुका है। इस पर मंथन किया जा रहा है। इसमें कुछ और बदलाव किया जाना संभव है।
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