ताजमहल के पीछे बनेगा रबर डैम: निर्माण कार्य में लगेगा छह से आठ महीने का समय, यमुना में चलेंगे जहाज
ताजमहल के पीछे यमुना में प्रस्तावित रबर डैम को नीरी ने मंजूरी दे दी है। मानसून के बाद रबर डैम का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। सब कुछ सही रहा तो मथुरा से आगरा तक यमुना में जलमार्ग भी बनाया जाएगा।
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ताजमहल के पीछे रबर डैम निर्माण के लिए हरी झंडी मिल गई है। नीरी को भेजे प्रस्ताव में स्टेट कमेटी की तरफ से कहा गया था कि रबर डैम बनने से ताजमहल को पर्यावरण की दृष्टि से लाभ होगा। भूगर्भ जलस्तर बढ़ने के साथ ही ताजमहल से गोकुल बैराज तक जलमार्ग विकसित हो सकता है।
इसके लिए अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण व केंद्रीय जल आयोग से एनओसी मिल चुकी है। डैम निर्माण में छह से आठ महीने का समय लगेगा। निर्माण के दौरान वायु प्रदूषण मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। कार्य के दौरान यमुना किनारा रोड पर ट्रक व भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।
मानसून के बाद शुरू हो सकेगा निर्माण
राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) ने टीटीजेड को भेजी रिपोर्ट में यमुना नदी पर बनने वाले रबर डैम के निर्माण की समय सीमा भी तय की है। नीरी के मुख्य वैज्ञानिक एसके गोयल ने आगरा मंडल के आयुक्त अमित गुप्ता को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि डैम का निर्माण नॉन मानसून सीजन में किया जाए। ऐसे में अगले तीन महीने में मानसून आएगा। उसके बाद ही डैम का निर्माण शुरू हो सकेगा।
साथ ही डैम निर्माण के लिए यमुना रिवर बैड खोदाई, प्लेटफार्म निर्माण, मशीनरी इस्तेमाल के दौरान धूल नहीं उड़नी चाहिए। इसके लिए नीरी ने यमुना किनारा रोड पर ट्रक व भारी वाहनों की आवाजाही रोकने को कहा है। कार्य के दौरान जेनरेटर सेट के इस्तेमाल पर रोक होगी। निर्माण कार्य में सिर्फ बिजली उपयोग किया जाएगा। आकस्मिक स्थिति में ही जनरेटर सेट उपयोग हो सकेगा।
नोडल अफसर नामित
रबर डैम निर्माण के दौरान वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को नोडल अफसर नामित किया है। इनके साथ एएसआई, पर्यावरण व नीरी की कमेटी बनेगी। जो समय-समय पर निर्माण के दौरान वायु प्रदूषण की जांच करेगी
मेयर ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
मेयर नवीन जैन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नगला पैमा में रबर डैम बनाने की योजना पर सहमति देने पर आभार जताया। मेयर ने कहा कि बीते सप्ताह मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान यह मांग उठाई थी, जिस पर उन्होंने जल्द कार्रवाई के लिए कहा था। नीरी और टीटीजेड की अनुमति के बाद अब काम शुरू हो जाएगा। इससे आगरा में भूगर्भ जल स्तर भी बढ़ जाएगा।