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निधिवन में पंचामृत से हुआ स्वामी हरिदास का अभिषेक, बधाई लेकर चांदी के रथ से पहुंचे बांकेबिहारी
Fri, 06 Sep 2019 07:27 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 06 Sep 2019 07:27 PM IST
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निधिवन में स्वामी हरिदास का पंचामृत अभिषेक करते गोस्वामीजन एवं शहरी विकास मंत्री महेश गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन में संगीत शिरोमणि एवं ठाकुर बांकेबिहारी के प्राकट्यकर्ता स्वामी हरिदास महाराज का जन्मोत्सव निधिवन में धूमधाम से मनाया गया। प्रदेश के शहरी विकास मंत्री महेश गुप्ता ने गोस्वामियों के साथ निधिवन में स्वामी हरिदास महाराज का अभिषेक किया। इसके बाद मंगल बधाई गायन के साथ छप्पन भोग लगाया गया।
शुक्रवार सुबह चार बजे निधिवन में सेवायत भीकचंद गोस्वामी एवं रोहित कृष्ण गोस्वामी के सानिध्य में प्रदेश के शहरी विकास मंत्री महेश गुप्ता एवं भक्तों ने पंचामृत से स्वामी हरिदास महाराज की प्रतिमा अभिषेक किया। इसके बाद शृंगार आरती की गई। मंगल बधाई गायन किया गया।
दोपहर में स्वामी हरिदास महाराज के छप्पन भोग लगाए गए। देर शाम निधिवन के द्वार और मंदिरों को पुष्पों और रंगबिरंगी रोशनियों से सजाया गया। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर से शोभायात्रा शुरू हुई। इसमें बांकेबिहारी का चित्रपट चांदी के रथ में विराजमान किया गया।
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शुक्रवार सुबह चार बजे निधिवन में सेवायत भीकचंद गोस्वामी एवं रोहित कृष्ण गोस्वामी के सानिध्य में प्रदेश के शहरी विकास मंत्री महेश गुप्ता एवं भक्तों ने पंचामृत से स्वामी हरिदास महाराज की प्रतिमा अभिषेक किया। इसके बाद शृंगार आरती की गई। मंगल बधाई गायन किया गया।
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दोपहर में स्वामी हरिदास महाराज के छप्पन भोग लगाए गए। देर शाम निधिवन के द्वार और मंदिरों को पुष्पों और रंगबिरंगी रोशनियों से सजाया गया। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर से शोभायात्रा शुरू हुई। इसमें बांकेबिहारी का चित्रपट चांदी के रथ में विराजमान किया गया।
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यह शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर निधिवन जाकर संपन्न हुई। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर से छप्पन भोग एवं 11 किलो का मावा व मेवाओं से से बना केक सवारी के साथ गोस्वामियों द्वारा निधिवन ले जाया गया। शोभायात्रा में हजारों भक्त शामिल हुए।
बांकेबिहारी मंदिर में राधाष्टमी के अवसर पर वर्ष में एक बार होने वाली रासलीला परंपरा का आयोजन हुआ। कलाकारों द्वारा श्याम सगाई और वेणु गूंथन लीला को देखने के लिए मंदिर सेवायतों के साथ द्धालुओं की भीड़ रही। उधर, ठाकुर राधाबल्लभ मंदिर एवं सूरदास आश्रम से चाव (शोभायात्रा) निकाली गई।
बांकेबिहारी मंदिर में राधाष्टमी के अवसर पर वर्ष में एक बार होने वाली रासलीला परंपरा का आयोजन हुआ। कलाकारों द्वारा श्याम सगाई और वेणु गूंथन लीला को देखने के लिए मंदिर सेवायतों के साथ द्धालुओं की भीड़ रही। उधर, ठाकुर राधाबल्लभ मंदिर एवं सूरदास आश्रम से चाव (शोभायात्रा) निकाली गई।