एटा: सड़क हादसे में घायल थानाध्यक्ष की मौत, दिवाली के दिन ट्रक ने मारी थी टक्कर
चार नवंबर को सकीट थानाध्यक्ष की कार में ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज गाजियाबाद के एक अस्पताल में चल रहा था। सोमवार की सुबह उनकी मौत हो गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एटा में चार नवंबर को आसपुर मार्ग पर ट्रक की टक्कर से घायल हुए कार सवार अखिलेश तिवारी ने गाजियाबाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह सकीट के थानाध्यक्ष थे। निधन से पुलिस महकमे में शोक है। अखिलेश तिवारी मूल रूप से औरैया जनपद के रहने वाले थे।
अखिलेश तिवारी जिले में दिसंबर 2016 में आए थे। इस दौरान वह बागवाला, जसरथपुर और मारहरा के थानाध्यक्ष रहे। दुर्घटना से कुछ दिन पूर्व ही वह मारहरा से सकीट थानाध्यक्ष बनाए गए थे। दिवाली वाले दिन आसपुर के पास उनकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी।
हादसे में वह गंभीर रुप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया था। यहां से आगरा रेफर किया गया। हालत में सुधार न होने पर परिजन गाजियाबाद ले गए। सोमवार सुबह वहां उनकी मौत हो गई।
सकीट थानाध्यक्ष की मौत होने से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। शव का पोस्टमार्टम गाजियाबाद में ही कराया गया। वहीं जिले में एक इंस्पेक्टर, एक सब इंस्पेक्टर सहित चार अन्य जवानों को औरैया भेजा गया है।
सकीट और पिलुआ में हुई शोकसभा
थानाध्यक्ष अखिलेश तिवारी के निधन पर सोमवार को थाना सकीट में शोकसभा हुई। पुलिसकर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। वहीं पिलुआ में व्यापार मंडल ने शोकसभा की।
जेपी सराफा ने कहा कि पिलुआ थाने में तैनाती के दौरान व्यापारियों कि प्रति दिवंगत तिवारी का व्यवहार परिवार के अभिभावक की तरह रहा। व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष विजय कुमार भट्ट, सुभाष कश्यप, जितेन्द्र बघेल पिंटू, शिबू सिद्द्की, प्रदीप बघेल, सनी गुप्ता, आदि व्यापारी रहे।