आगरा में अंधेरगर्दी: कहीं दिन में सूरज को रोशनी दिखा रहीं स्ट्रीट लाइटें तो कहीं रात के अंधेरे में गुम हैं सड़कें
आंबेडकर पुल पर दिन में स्ट्रीट लाइटें जलती हुई नजर आती हैं, तो वहीं बिचपुरी रोड पर रात में स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से अंधेरे में रहता है। इस मामले में जिम्मेदार पल्ला झाड़ रहे हैं।
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आगरा में यमुना किनारा स्थित आंबेडकर पुल पर दिन में स्ट्रीट लाइटें जलाकर बिजली और सरकारी धन की बर्बादी हो रही है। दूसरी ओर बिचपुरी रोड पर रात में स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से अंधेरा रहता है। ये हाल तब है जब छह दिन पहले ही शासन ने अफसरों को चेताया था। दिन में स्ट्रीट लाइटें जलने पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। सोमवार को गैर जिम्मेदार रवैये की पोल, खुली तो अफसर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आए।
नगर निकाय निदेशालय के संयुक्त निदेशक गंगाराम गुप्ता ने 11 अप्रैल को निकाय क्षेत्र में दिन में स्ट्रीट लाइट जलती मिलने की शिकायत पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे। निकायों के प्रभारी अधिकारी एवं एडीएम वित्त यशवर्धन श्रीवास्तव ने 15 अप्रैल से व्यवस्था लागू करने को कड़ाई से लागू करने के निर्देश नगर आयुक्त, सात नगर पंचायत एवं पांच नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों को दिए। इन्हें सुबह शाम स्ट्रीट लाइट के स्विच बंद व चालू करने की व्यवस्था करनी थी।
सोमवार को अमर उजाला ने पड़ताल की, तो दोपहर 12 बजे यमुना किनारा को महताब बाग से जोड़ने वाले आंबेडकर पुल पर दो दर्जन स्ट्रीट लाइटें जलती मिलीं। इससे बिजली और बिल के रूप में सरकारी धन की बर्बादी हो रही है। जब इस संबंध में नगरायुक्त निखिल टीकाराम फुंडे से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जलती हुई लाइटें नगर निगम की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से संबंधित हैं। एनएचएआई के परियोजना निदेशक वीके जोशी से पूछा तो उन्होंने कहा पुल सेतु निगम ने बनाया है, एनएचआई ने नहीं। फिर राज्य सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर डीके गुप्ता से पूछा, तो उन्होंने कहा हमने पुल पीडल्यूडी को और स्ट्रीट लाइटें नगर निगम को हैंडओवर कर दी हैं। वही इसकी देखरेख करते हैं।
निकायों में नहीं कोई देखने वाला
दयालबाग एवं स्वामीबाग नगर पंचायत को छोड़कर पांचों नगर पंचायतों में एक हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। अजीजपुर ग्राम पंचायत सदस्य चौ. प्रेम सिंह ने बताया कि किरावली, जगनेर, खेरागढ़ में बिजली की सबसे ज्यादा बर्बादी हो रही है। वहां लाइटों को कोई देखने वाला तक नहीं है। आहरन की प्रधान मनीषा ने बताया कि एत्मादपुर में लाइटें रात में नहीं जलतीं। जिले में सात नगर पंचायत एवं पांच नगर पालिका हैं। इनमें 15 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें हैं।
दलील : जांच कराएंगे किसकी लाइट
किसकी लाइटें हैं इसकी जांच कराएंगे। मंडलायुक्त के निर्देश पर पिछले साल मई में लाइटें एचएचएआई को हैंडओवर की गई थीं। दिन में लाइटें जलने नहीं दी जाएंगी। निखिल टी फुंड, नगरायुक्त, नगर निगम
दावा : एक सप्ताह में सुधार नहीं तो कार्रवाई
कुछ निकायों की स्थिति खराब है। दिन में लाइट जलने की स्थिति में एक सप्ताह में सुधार नहीं होता है तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। कड़ाई से पालन कराने के निर्देश हैं। यशवर्धन श्रीवास्तव, एडीएम वित्त एवं प्रभारी अधिकारी निकाय