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सोमवती अमावस्या 2020: 57 साल बाद बना पंचग्रही योग, अखंड सौभाग्य के लिए है विशेष

Mon, 14 Dec 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 14 Dec 2020 12:03 AM IST
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Somvati Amavasya 2020 know importance of vrat and puja
बटेश्वर घाट - फोटो : अमर उजाला

आज सोमवती अमावस्या का पर्व है। इस बार सोमवती अमावस्या पर 57 साल बाद पंचग्रही योग बन रहा है। इस योग में स्नान और दानपुण्य का विशेष महत्व होता है। रविवार की रात 12:14 बजे से सोमवार की रात 10:14 बजे तक सोमवती अमावस्या रहेगी। इस अवसर पर यमुना में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। 

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बाह के ज्योतिषाचार्य शिव शरण पारासर ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में अलग-अगल गणना के अनुसार दो से लेकर सात ग्रहों की विभिन्न युतियां बनती रहती हैं। विशेष पर्व काल में अगर युति योग बनता है तो यह दानपुण्य, अनुष्ठान आदि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार सोमवती अमावस्या पर पंचग्रही युति बन रही है। 
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वृश्चिक राशि में सूर्य, चंद्र, बुध, शुक्र, केतु की युति रहेगी। इसी युति का वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल से नवम पंचम दृष्टि संबंध बनेगा। इससे सोमवती अमावस्या का महत्व बढ़ गया है। पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिनें व्रत रखकर स्नान, पूजन व दान करेंगी। पीपल का पूजन करके उसमें कच्चा सूत लपेटकर पति व परिवार की कुशलता की कामना करेंगी।

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सूर्य ग्रहण की नहीं रहेगी मान्यता

सोमवती अमावस्या पर लग रहा सूर्य ग्रहण अपने देश में नहीं दिखाई देगा। विदेशों में सूर्यग्रहण रहेगा। शिव शरण पारासर ने बताया कि जो ग्रहण दृश्य नहीं होता है उसकी मान्यता नहीं रहती है।

21 दिसंबर को नजदीक आएंगे शनि और गुरु

21 दिसंबर को शनि और गुरु एक दूसरे के बेहद नजदीक होंगे। खगोलीय शास्त्र में इसे ग्रेट कंजक्शन कहते हैं। वर्ष 2000 में भी दोनों नजदीक आए थे लेकिन तब दोनों सूर्य के भी नजदीक थे, इस कारण लोग देख नहीं पाए। 

आगरा की ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि इस बार दोनों ग्रह जितने नजदीक आएंगे, उतने वर्ष 1623 में आए थे। इस तरह यह दुर्लभ घटना 397 साल बाद हो रही है। दोनों प्रथ्वी के नजदीक होंगे, इसलिए लोग इसे देख भी पाएंगे। देव गुरु बृहस्पति अध्यामिकता, सुख-शिक्षा, संतान, धन, सुंदर भाग्य के कारक हैं। वहीं शनि न्यायाधीश हैं। वह नौकरी, सद्मार्ग, आत्मसंयम के कारक हैं। सभी राशियों के जातकों पर इनकी युति का प्रभाव पड़ेगा।

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