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कहीं मिलावट से तो बेस्वाद नहीं हुई चाय

Sun, 19 Jun 2016 02:07 AM IST
अमर उजाला आगरा
अमर उजाला आगरा Updated Sun, 19 Jun 2016 02:07 AM IST
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Somewhere there was tasteless tea from adulteration
कहीं मिलावट से तो बेस्वाद नहीं हुई चाय - फोटो : Amar Ujala
जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने मिलावटी चायपत्ती के बड़े गोरखधंधे का खुलासा किया है। बेलनगंज और टेढ़ी बगिया क्षेत्र में बिना लाइसेंस के चल रहे कारखानों में घटिया क्वालिटी की सामग्री चाय में मिलायी जा रही थी। टीम ने सामग्री को सीजकर कारखानों को बंद करा दिया है। 
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अभिहीत अधिकारी राम नरेश यादव ने बताया कि रावतपाड़ा निवासी अमित अग्रवाल का बेलनगंज में चायपत्ती का कारखाना है और रावतपाड़ा में यश ट्रेडिंग कंपनी के नाम से दुकान है। काफी समय से यहां मिलावटी चाय बनाने और बेचे जाने की शिकायत मिल रही थी लेकिन कारखाना ट्रेस नहीं हो पा रहा था। शनिवार को टीम ने बेलनगंज स्थित कारखाने में सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस. चौहान के नेतृत्व में छापा मारा। 
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यहां करीब 9-10 तरीके की अलग-अलग चायपत्ती रखी थी। इनमें से कुछ बोरों में बेहद घटिया क्वालिटी की थी कुछ में उससे कुछ बेहतर क्वालिटी थी। कारखाने में चायपत्ती में मिलावट कर अप्सरा और यशवार ब्रांड के पैकेटों में भरी जा रही थी। टीम ने करीब नौ सैंपल जांच के लिए भेजे हैं और 100 कुंटल चायपत्ती सीज कर कारखाने को बंद कर दिया है। वहीं दूसरी ओर नाऊ की सराय हाथरस रोड पर दयालबाग निवासी सजल सचदेवा बिना लाइसेंस के चायपत्ती की फैक्ट्री चला रहा था। यहां भी मिलावटी सामग्री को कुंदन ब्रांड के नाम से पैक किया जा रहा था। जहां पैकिंग हो रही थी, उसके पास ही टायलेट क्लीनर और साबुन की पैकिंग की जा रही थी। यहां से करीब 700 किलोग्राम चायपत्ती सीज कर फैक्ट्री को बंद कराया गया है। जांच के लिए नमूने लखनऊ भेजे गए हैं। 
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मंडल भर में थी चाय की सप्लाई
अमित का बड़ा कारोबार है। रावतपाड़ा में स्थित यश ट्रेडिंग कंपनी के माध्यम से आगरा मंडल में चायपत्ती की सप्लाई होती थी। मौके से मिले दस्तावेजों के मुताबिक मंडल के करीब सभी कस्बों की दुकानों में यह धड़ल्ले से बेची जा रही थी। इसी तरह सचदेवा भी कई जिलों में सर्प्लाई करता था। 

अब तक आंख बंद कर क्यों बैठा था विभाग
एफएसडीए के अधिकारी ही बता रहे हैं अमित कई वर्षों से इस गोरखधंधे में लिप्त था, तो विभाग की नजर इस पर पहले क्यों नहीं पड़ी या जानबूझकर आंख बंद कर ली गई थी। अब जब लखनऊ से टीम ने यहां डेरा डाला तो मिलावट के कारोबार का खुलासा हुआ है। 


खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान चल रहा है। जनता से अपील है कि उन्हें कही मिलावटी खाद्य पदार्थ बिकते या बनते दिखाई देते हैं तो वे इसकी सूचना मेरे कार्यालय में दें, जिससे इनके खिलाफ कार्रवाई हो सके। 
रेखा एस चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट
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