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लापरवाही: अमृत योजना की पाइप लाइन बिछाने के दौरान ढाय गिरी, मजदूर दबा
Sat, 28 Nov 2020 12:06 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 28 Nov 2020 12:06 AM IST
सार
इस घटना के बाद पाइप लाइन बिछा रहे मजदूरों में आक्रोश है। उनका कहना है कि काम कर रही कंपनी ने सुरक्षा के कोई उपाय नहीं अपनाए हैं।
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ढाय गिरने से दबे मजदूरों को निकालते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमृत योजना के तहत पानी की पाइप लाइन बिछाई जा रहीं हैं। शुक्रवार को बैनारा फैक्टरी के पीछे शांति नगर, गुलाब नगर में पाइप लाइन खोदाई के बाद क्लोज टिंबरिंग न किए जाने के कारण मिट्टी की ढाय गिर पड़ी।
पाइप लाइन बिछा रहा मजदूर बंटी मिट्टी की ढाय के नीचे दब गया। मजदूर के दबते ही चीख पुकार मच गई। कॉलोनी के लोगों और साथ काम कर रहे मजदूरों ने आननफानन में बंटी को बाहर निकाला। वह काफी देर तक बेहोश रहा।
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इस घटना के बाद पाइप लाइन बिछा रहे मजदूरों में आक्रोश है। उनका कहना है कि काम कर रही कंपनी ने सुरक्षा के कोई उपाय नहीं अपनाए हैं। अमर उजाला लगातार पाइप लाइन बिछाने के काम में लापरवाही पर सवाल उठाता रहा है। आर एंड सी कंपनी पाइप लाइन बिछाने का काम कर रही है, जो लगातार लापरवाही बरत रही है।
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पाइप लाइन बिछा रहा मजदूर बंटी मिट्टी की ढाय के नीचे दब गया। मजदूर के दबते ही चीख पुकार मच गई। कॉलोनी के लोगों और साथ काम कर रहे मजदूरों ने आननफानन में बंटी को बाहर निकाला। वह काफी देर तक बेहोश रहा।
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इस घटना के बाद पाइप लाइन बिछा रहे मजदूरों में आक्रोश है। उनका कहना है कि काम कर रही कंपनी ने सुरक्षा के कोई उपाय नहीं अपनाए हैं। अमर उजाला लगातार पाइप लाइन बिछाने के काम में लापरवाही पर सवाल उठाता रहा है। आर एंड सी कंपनी पाइप लाइन बिछाने का काम कर रही है, जो लगातार लापरवाही बरत रही है।
नहीं अपनाए सुरक्षा उपाय
क्लोज टिंबरिंग का खर्च बचाने की चाहत में कंपनी ने मजदूर की जान खतरे में डाल दी। मिट्टी की ढाय गिरने से बचाने के लिए क्लोज टिंबरिंग की जाती है ताकि खोदाई के दौरान काम करने वाले मजदूर नीचे सुरक्षित रहें। न केवल पानी, बल्कि सीवर की 251 किमी लंबी खोदाई के दौरान भी सुरक्षा के उपाय नहीं अपनाए जा रहे हैं। जल निगम के इंजीनियर ठेकेदार की लापरवाही पर आंखें बंद किए बैठे हैं। इंजीनियरों ने काम करने वाली फर्म को एक नोटिस भी नहीं दिया।
लोगों की जान खतरे में डाली
पाइप लाइन बिछाने के काम में मजदूरों की सुरक्षा के उपाय नहीं अपनाए जा रहे। मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। न केवल मजदूर, बल्कि आम लोगों की जिंदगी भी खतरे में डाल दी है। इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। -केके भारद्वाज, प्रत्यक्षदर्शी, मददगार
मजदूर की जान की कोई कीमत नहीं
हम सभी पाइप बिछा रहे थे कि बंटी के ऊपर मिट्टी की ढाय गिर पड़ी। हम सबने फावड़े से मिट्टी हटाई और बंटी को बाहर निकाला। काफी देर तक यह बेहोश रहा। हम लोग बैरिकेडिंग और टिंबरिंग के लिए कई बार कह चुके थे, लेकिन यहां मजदूर की जान की कोई कीमत नहीं - बसंत, मजदूर
क्लोज टिंबरिंग का खर्च बचाने की चाहत में कंपनी ने मजदूर की जान खतरे में डाल दी। मिट्टी की ढाय गिरने से बचाने के लिए क्लोज टिंबरिंग की जाती है ताकि खोदाई के दौरान काम करने वाले मजदूर नीचे सुरक्षित रहें। न केवल पानी, बल्कि सीवर की 251 किमी लंबी खोदाई के दौरान भी सुरक्षा के उपाय नहीं अपनाए जा रहे हैं। जल निगम के इंजीनियर ठेकेदार की लापरवाही पर आंखें बंद किए बैठे हैं। इंजीनियरों ने काम करने वाली फर्म को एक नोटिस भी नहीं दिया।
लोगों की जान खतरे में डाली
पाइप लाइन बिछाने के काम में मजदूरों की सुरक्षा के उपाय नहीं अपनाए जा रहे। मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। न केवल मजदूर, बल्कि आम लोगों की जिंदगी भी खतरे में डाल दी है। इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। -केके भारद्वाज, प्रत्यक्षदर्शी, मददगार
मजदूर की जान की कोई कीमत नहीं
हम सभी पाइप बिछा रहे थे कि बंटी के ऊपर मिट्टी की ढाय गिर पड़ी। हम सबने फावड़े से मिट्टी हटाई और बंटी को बाहर निकाला। काफी देर तक यह बेहोश रहा। हम लोग बैरिकेडिंग और टिंबरिंग के लिए कई बार कह चुके थे, लेकिन यहां मजदूर की जान की कोई कीमत नहीं - बसंत, मजदूर