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एसएन मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा घेरे में क्लास: हॉस्टल से कक्षा तक गार्ड तैनात, सीसीटीवी से रैगिंग पर नजर
Thu, 15 Oct 2026 10:19 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 15 Oct 2026 10:19 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के नए सत्र की शुरुआत के साथ रैगिंग रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हॉस्टल से कक्षाओं तक गार्ड तैनात हैं और परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। कॉलेज प्रशासन ने नए और वरिष्ठ छात्रों को रैगिंग के कानूनी परिणामों के बारे में जागरूक किया है। प्राचार्य के मुताबिक, नवागत विद्यार्थियों की सुरक्षा और परिसर में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखना प्राथमिकता है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का नया सत्र कड़े सुरक्षा घेरे के बीच शुरू हुआ है। नवागत छात्र-छात्राओं को रैगिंग से बचाने के लिए कॉलेज प्रशासन ने पुख्ता तैयारी की है। हॉस्टल से लेकर कक्षाओं तक छात्रों को सुरक्षा गार्डों की निगरानी में लाया और ले जाया जा रहा है। इसके साथ ही पूरे परिसर में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है।
नीट यूजी की काउंसिलिंग पूरी होने के बाद शुरू हुए सत्र को लेकर कॉलेज की एंटी रैगिंग स्क्वायड पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। हॉस्टल, कैंटीन, लेक्चर थिएटर और दोनों परिसरों को जोड़ने वाले रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय कर दिए गए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए छात्रों को हॉस्टल से क्लास तक सुरक्षा गार्डों के साथ भेजा जा रहा है। नवागत विद्यार्थियों को किसी भी तरह की रैगिंग की आशंका पर तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और हेल्पलाइन नंबरों के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया गया है। एंटी रैगिंग स्क्वायड के नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि रैगिंग कानूनी अपराध है। इस बारे में सीनियर विद्यार्थियों के साथ ही नए छात्रों को भी जानकारी दी गई है।
अनुशासन के दायरे में सधे कदम
कॉलेज प्रशासन के कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और अनुशासन की झलक नवागत छात्रों में साफ दिख रही है। सुरक्षा गार्डों की निगरानी में नए छात्र किसी भी गैर-जरूरी संपर्क से बचने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। हॉस्टल से क्लास आते-जाते समय छात्र कतारबद्ध होकर सीधे रास्ते से तय समय में आवाजाही कर रहे हैं। अधिकतर छात्रों ने बाल भी छोटे करा रखे हैं।
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एनएमसी ने किए हैं सख्त सजा के प्रावधान
- जांच में दोषी मिलने पर छात्र को तत्काल हॉस्टल से बेदखल कर कक्षाओं से निलंबित या कॉलेज से निष्कासित किया जाता है।
- छात्र के परीक्षा में बैठने, परिणाम जारी करने और इंटर्नशिप पूरी करने पर रोक लगा दी जाती है। छात्रवृत्ति भी छिन जाती है।
- घटना सामने आते ही कॉलेज प्रशासन के लिए 24 घंटे के भीतर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराना अनिवार्य है।
- आपराधिक रिकॉर्ड पर डॉक्टर के तौर पर मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण निरस्त हो जाता है और सरकारी सेवा या विदेश जाने के रास्ते बंद हो जाते हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि नवागत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और परिसर में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। हॉस्टल से लेकर कक्षा तक सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। रास्तों और संवेदनशील बिंदुओं पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की रोजाना जांच की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय गतिविधि की तुरंत पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा सके।
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नीट यूजी की काउंसिलिंग पूरी होने के बाद शुरू हुए सत्र को लेकर कॉलेज की एंटी रैगिंग स्क्वायड पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। हॉस्टल, कैंटीन, लेक्चर थिएटर और दोनों परिसरों को जोड़ने वाले रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय कर दिए गए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए छात्रों को हॉस्टल से क्लास तक सुरक्षा गार्डों के साथ भेजा जा रहा है। नवागत विद्यार्थियों को किसी भी तरह की रैगिंग की आशंका पर तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और हेल्पलाइन नंबरों के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया गया है। एंटी रैगिंग स्क्वायड के नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि रैगिंग कानूनी अपराध है। इस बारे में सीनियर विद्यार्थियों के साथ ही नए छात्रों को भी जानकारी दी गई है।
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अनुशासन के दायरे में सधे कदम
कॉलेज प्रशासन के कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और अनुशासन की झलक नवागत छात्रों में साफ दिख रही है। सुरक्षा गार्डों की निगरानी में नए छात्र किसी भी गैर-जरूरी संपर्क से बचने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। हॉस्टल से क्लास आते-जाते समय छात्र कतारबद्ध होकर सीधे रास्ते से तय समय में आवाजाही कर रहे हैं। अधिकतर छात्रों ने बाल भी छोटे करा रखे हैं।
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एनएमसी ने किए हैं सख्त सजा के प्रावधान
- जांच में दोषी मिलने पर छात्र को तत्काल हॉस्टल से बेदखल कर कक्षाओं से निलंबित या कॉलेज से निष्कासित किया जाता है।
- छात्र के परीक्षा में बैठने, परिणाम जारी करने और इंटर्नशिप पूरी करने पर रोक लगा दी जाती है। छात्रवृत्ति भी छिन जाती है।
- घटना सामने आते ही कॉलेज प्रशासन के लिए 24 घंटे के भीतर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराना अनिवार्य है।
- आपराधिक रिकॉर्ड पर डॉक्टर के तौर पर मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण निरस्त हो जाता है और सरकारी सेवा या विदेश जाने के रास्ते बंद हो जाते हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि नवागत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और परिसर में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। हॉस्टल से लेकर कक्षा तक सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। रास्तों और संवेदनशील बिंदुओं पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की रोजाना जांच की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय गतिविधि की तुरंत पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा सके।