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ताजमहल पर विवाद से विदेशों में भी किरकिरी, स्लोविनिया की वेबसाइट ने प्रकाशित की ये खबर
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:46 PM IST
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ताजमहल
- फोटो : SELF
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विश्व धरोहर ताजमहल के संबंध में उत्पन्न विवाद और बयानबाजी को लेकर विदेशों में खूब किरकिरी हो रही है। विदेशी मीडिया में इस विवाद पर भ्रामक खबरें चल रही हैं।
हाल ही स्लोविनिया के नेशनल टेलीविजन वेबसाइट पर आर्टिकल प्रकाशित हुआ, जिसमें कहा गया है कि सरकार ने ताजमहल के रखरखाव पर होने वाले बजट को समाप्त कर दिया है।
ताजमहल पर उठे बवंडर, बयानबाजी और ताजमहल को शिव मंदिर बताकर विवाद को हवा देने का नतीजा यह हुआ कि विदेशी मीडिया में तमाम खबरें चलने लगीं। स्लोविनिया के नेशनल टेलीविजन वेबसाइट पर ‘हिंदू नेशनलिस्ट टर्न्ड देयर बैक टू ताजमहल’ शीर्षक से एक आर्टिकल प्रकाशित हुआ है।
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हाल ही स्लोविनिया के नेशनल टेलीविजन वेबसाइट पर आर्टिकल प्रकाशित हुआ, जिसमें कहा गया है कि सरकार ने ताजमहल के रखरखाव पर होने वाले बजट को समाप्त कर दिया है।
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ताजमहल पर उठे बवंडर, बयानबाजी और ताजमहल को शिव मंदिर बताकर विवाद को हवा देने का नतीजा यह हुआ कि विदेशी मीडिया में तमाम खबरें चलने लगीं। स्लोविनिया के नेशनल टेलीविजन वेबसाइट पर ‘हिंदू नेशनलिस्ट टर्न्ड देयर बैक टू ताजमहल’ शीर्षक से एक आर्टिकल प्रकाशित हुआ है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
इसमें लिखा गया है कि प्रदेश सरकार ताजमहल के रखरखाव हेतु वर्ष 2018 में जारी होने वाले बजट को समाप्त कर रही है और प्रदेश सरकार ने ‘टूरिस्ट व्राशर आफ यूपी’ में से ताजमहल को हटा दिया है।
स्लोविनिया के भारतीय दूतावास ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए पर्यटन विभाग को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दिनेश कुमार ने आगरा विकास प्राधिकरण और पुरातत्व विभाग को पत्र लिखकर तथ्यात्मक जानकारी मांगी है ताकि स्लोविनिया की वेबसाइट पर प्रकाशित आर्टिकल को संशोधित कराया जा सके।
स्लोविनिया के भारतीय दूतावास ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए पर्यटन विभाग को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दिनेश कुमार ने आगरा विकास प्राधिकरण और पुरातत्व विभाग को पत्र लिखकर तथ्यात्मक जानकारी मांगी है ताकि स्लोविनिया की वेबसाइट पर प्रकाशित आर्टिकल को संशोधित कराया जा सके।