कोरोना का असर: आगरा में रेलवे की 200 करोड़ रुपये की छह परियोजनाएं प्रभावित
आगरा मंडल में रेलवे की चल रहीं करीब 200 करोड़ की छह विभिन्न परियोजनाओं पर भी असर डाला है। संक्रमण के कारण यमुना नदी पर पुल निर्माण, रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण और तीसरी लाइन के कार्यों की गति धीमी हो गई है।
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आगरा मंडल में डीएफसी के तहत एत्मादपुर रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए स्ट्रैची ब्रिज के पास यमुना नदी पर पुल बनाने का काम दो साल से चल रहा था। पुल के पिलर्स भी तैयार हो चुके हैं। अप्रैल में कोरोना कर्फ्यू लगने और इसके बाद मजदूरों के पलायन के शुरू होने के बाद साइटों पर मजदूरों की कमी हो गई है।
यही कारण है कि इस पुल का काम भी एक माह तक बंद रहा। अब भी काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। पुल के लिए रेलवे ने मोती महल के पास रहने वाले 50 घरों को नोटिस दिए थे। इनमें से कई घरों लोगों ने खुद ही तोड़ लिए, अब यह सभी लोग खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं।
इसके अलावा तीसरी लाइन के कार्यों की गति पर भी असर पड़ा है। यह कार्य मथुरा से लेकर आगरा तक किए जा रहे थे। फरह से भांडई होकर जाने वाली रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी प्रभावित हो गया है। आगरा कैंट स्टेशन के सौंदर्यीकरण का काम भी फिलहाल रुका हुआ है।
यहां फुव्वारा लगाने, कुली विश्राम कक्ष, प्लेटफार्मों का सुधार कार्य किया गया है, लेकिन मुख्य द्वार पर काम शुरू नहीं हो सका है। सिटी स्टेशन और बिल्लोचपुरा स्टेशनों पर प्लेटफार्म की ऊंचाई बढ़ाने, फुट ओवर ब्रिज बनाने का कार्यों की गति भी धीमी है।
मजदूरों के जाने से गति धीमी
आगरा रेलवे मंडल के वाणिज्य प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने कहा कि विकास परियोजनाओं के काम बंद नहीं हुए हैं। इन पर असर जरूर पड़ा है। कहीं मजदूरों के जाने से समस्या आई है। जहां तक यमुना नदी पर बनाए जा रहे पुल का सवाल है तो पुल के ऊपरी ढांचे का नक्शा एप्रूवल के लिए भेजा गया है।