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UP: तहसील के काले कारनामे...जिल्द बही में चढ़वा दिए जमीनों के दावे, SIT जांच में बड़ा खुलासा; एक आरोपी दबोचा

Fri, 28 Feb 2025 09:37 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 28 Feb 2025 09:37 AM IST
सार

फर्जी बैनामे और वसीयत की जांच कर रही एसआईटी के हाथ बड़ी सफलता लगी है। एसआईटी टीम ने 50 करोड़ के भूखंडों के फर्जी बैनामे और पट्टों का खुलासा करते हुए एक आरोपी को भी दबोच लिया है। 
 

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SIT finds fake plots worth Rs 50 crores Deed and lease disclosed one caught
रजिस्ट्री कार्यालय से बाहर निकती एसआईटी की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा की सदर तहसील में बेशकीमती जमीनों के फर्जी बैनामा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने 50 करोड़ की कीमत की जमीनों को कब्जाने का खुलासा किया है। इसमें पट्टे के नाम पर भी फर्जीवाड़ा किया गया। सरगना प्रशांत शर्मा के साथ गिरोह ने दो भूखंडों के फर्जी बैनामे और दो पट्टों के कागजात तैयार कराने में सहयोगी रहे अभिषेक अवस्थी को गिरफ्तार किया है।
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आरोपी ने कागजात को तहसील की जिल्द बही में लगाकर जमीन के असली मालिकान पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। बी ब्लाक, ट्रांस यमुना के रहने वाले सौरभ गुप्ता ने दो दिसंबर 2024 में सदर थाने में अज्ञात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कराया था। उन्होंने बेशकीमती जमीनों को विवादित बनाकर ब्लैकमेलिंग और वसूली का आरोप लगाया था।
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गिरोह की ओर से कूटरचित पट्टा बही संख्या एक जिल्द संख्या 62, पृष्ठ संख्या 309 से 311 किसी मूल प्रपत्र को हटाकर उसके स्थान पर फर्जी प्रपत्र लगाए गए थे। जिसे गंगाराम नामक व्यक्ति ने सत्यप्रकाश अवस्थी के नाम से निष्पादित किया गया था। प्रशासन की ओर से सदर तहसील के फर्जी बैनामा प्रकरण की एफआईआर 21 जनवरी को शाहगंज थाने में लिखाई गई थी।

 
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एसआईटी इसी केस को आधार बनाकर जांच कर रही है। एसआईटी ने फर्जी बैनामों और पट्टों की जांच का रिकाॅर्ड रूम और केंद्रीय कारागार के अभिलेखों से मिलान कराया तो फर्जीवाड़ा सामने आया। एसआईटी ने डायमंड हिल्स अपार्टमेंट, ताजगंज निवासी अभिषेक अवस्थी को बुधवार रात गिरफ्तार किया।

 
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पूछताछ में अभिषेक ने बताया कि उसके पिता सत्यप्रकाश अवस्थी की मृत्यु वर्ष 1996 में हो गई थी। उसकी मुलाकात 10 वर्ष पहले प्रशांत शर्मा से हुई। प्रशांत के साथ मिलकर उसने ताजगंज व सदर क्षेत्र की बेशकीमती जमीनों पर कब्जाने करने को साजिश रची। पिता सत्यप्रकाश अवस्थी के नाम दो भूखंड के फर्जी बैनामे व दो जमीनों के फर्जी पट्टे तैयार कराए।

 

जिसमें एक-एक हजार वर्ग गज के भूखंडों का बैनामा फतेहाबाद मार्ग एवं शिल्पग्राम के पास था। दो खेत के पट्टे पिता के नाम से थे। अभिषेक अवस्थी ने पुलिस को बताया कि फर्जी बैनामों और पट्टों को प्रशांत शर्मा ने कर्मचारियों की मिलीभगत से जिल्द बही में लगवा दिया।

 

तहसील से जिल्द बही की रसीद लेकर जमीनों पर अपना दावा पेश कर दिया था। चारों जमीनों का वर्तमान में बाजार मूल्य 50 करोड़ रुपये से अधिक का है। एसीपी सदर विनायक भोंसले ने बताया कि आरोपी अभिषेक अवस्थी को गिरफ्तार किया गया है। प्रशांत शर्मा पहले से जेल में बंद है। अन्य बिंदुओं पर जांच जारी है।

 
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