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फूट-फूट कर रोई शाजिया, डीएम से कहा तीन तलाक के बाद सड़क पर आ गई हूं
ब्यूरो/ अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Mon, 15 May 2017 08:53 PM IST
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शाजिया
- फोटो : अमर उजाला
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पति के तीन तलाक देने के बाद शाजिया न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। सोमवार को डीएम नेहा शर्मा से मिलने के लिए पड़ोस में रहने वाली महिला के साथ जिला मुख्यालय पहुंची। डीएम को फरियाद सुनाई और न्याय की मांग की। मामला तीन तलाक से जुड़ा है। इसलिए उन्होंने कानून के दायरे के अनुसार ही पीड़िता को न्याय देने की बात कहते हुए प्रोबेशन अधिकारी के पास भेज दिया।
सोमवार को शाजिया सबसे पहले विधायक मनीष असीजा के पास पहुंची। इस दौरान विधायक ने उसकी सारी बातें सुनीं। इसके बाद डीएम को संबोधित एक पत्र लिख कर शाजिया को देकर मिलने को भेज दिया। शाजिया के साथ संकट की इस घड़ी में अपने घर पर पनाह देने वाली महिला भी थी। डीएम कार्यालय में आसूं भरते हुए शाजिया ने आप बीती बताई। डीएम से कहा मेरी कोई मदद नहीं कर रहा। मुझे न्याय दिलाओ।
शाजिया ने कहा इस बुरे वक्त में दो लोग मेरा सहारा बने हुए हैं। एक मीडिया और दूसरा वह परिवार, जिसके यहां मैं पनाह पाई हूं। शाजिया की बात सुन डीएम ने उसको मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के मामले में वह कुछ भी नहीं कर सकती लेकिन वह उसे को नारी निकेतन मथुरा भेज सकती हैं। नारी निकेतन जाने से शाजिया ने इनकार कर दिया।
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डीएम ने उसको रोजगार दिलाकर खुद और बच्चों का भरण पोषण करने की बात कही तो शाजिया ने कहा वह कोई काम नहीं जानती। यहां तक की सिलाई, कढ़ाई भी नहीं। उन्होंने शाजिया को दोबारा ससुराल भेजने की बात कही तो शाजिया के मुंह से एक ही शब्द निकला। वो मुझे और मेरे बच्चों को निश्चित ही मार देगा। वह ससुराल नहीं जाना चाहती। मामले में डीएम ने उसे प्रोबेशन अधिकारी के पास भेज दिया।
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सोमवार को शाजिया सबसे पहले विधायक मनीष असीजा के पास पहुंची। इस दौरान विधायक ने उसकी सारी बातें सुनीं। इसके बाद डीएम को संबोधित एक पत्र लिख कर शाजिया को देकर मिलने को भेज दिया। शाजिया के साथ संकट की इस घड़ी में अपने घर पर पनाह देने वाली महिला भी थी। डीएम कार्यालय में आसूं भरते हुए शाजिया ने आप बीती बताई। डीएम से कहा मेरी कोई मदद नहीं कर रहा। मुझे न्याय दिलाओ।
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शाजिया ने कहा इस बुरे वक्त में दो लोग मेरा सहारा बने हुए हैं। एक मीडिया और दूसरा वह परिवार, जिसके यहां मैं पनाह पाई हूं। शाजिया की बात सुन डीएम ने उसको मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के मामले में वह कुछ भी नहीं कर सकती लेकिन वह उसे को नारी निकेतन मथुरा भेज सकती हैं। नारी निकेतन जाने से शाजिया ने इनकार कर दिया।
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डीएम ने उसको रोजगार दिलाकर खुद और बच्चों का भरण पोषण करने की बात कही तो शाजिया ने कहा वह कोई काम नहीं जानती। यहां तक की सिलाई, कढ़ाई भी नहीं। उन्होंने शाजिया को दोबारा ससुराल भेजने की बात कही तो शाजिया के मुंह से एक ही शब्द निकला। वो मुझे और मेरे बच्चों को निश्चित ही मार देगा। वह ससुराल नहीं जाना चाहती। मामले में डीएम ने उसे प्रोबेशन अधिकारी के पास भेज दिया।
मेहर की रकम लौटा कर मुक्ति चाहता है पति
शाजिया
- फोटो : अमर उजाला
डीएम आफिस पहुंची शाजिया ने बताया कि उसका शौहर मेहर की रकम के साथ माता-पिता द्वारा निकाह के दौरान दिए गए सामान को लौटाकर उससे मुक्ति चाहता है। मेहर की रकम और सामान वापस करने के लिए सोमवार को शौहर शानू के बहनोई का भाई घर आया था। यहां क्षेत्रीय लोगों के साथ पंचायत हुई थी लेकिन शाजिया का समर्थन करते हुए मोहल्ले के कुछ लोगों ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया। इस पर वह वापस चला गया।
मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी अजयपाल सिंह ने बताया कि शाजिया मेरे पास दो महिलाओं के साथ आई थी। परिवार में कोई नहीं होने की बात पर मैंने नारी निकेतन मथुरा जाने को कहा तो उसने इंकार कर दिया। उसे काउंसलर के साथ महिला थाने भिजवा दिया था।
वहीं एसएसपी अजय कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में है। शासन की ओर से कोई दिशा निर्देश भी नहीं आए हैं। शाजिया ने कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया है। यदि पीड़िता तहरीर अथवा मुझे प्रार्थना पत्र देती है तो आरोपी पति और उसके परिवारीजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कराई जाएगी।
इधर महिला थाना की इंस्पेक्टर गीता सिंह ने बताया कि पीड़िता ने प्रार्थना पत्र दिया है। उसने मेहर की रकम और अपने सामान को वापस दिलाने की मांग की है। मुकदमा लड़ने के लिए पीड़िता के पास पैसे नहीं है। उसकी मदद करने को भी कोई नहीं है। पीड़िता ने समझौता कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। समझौता नहीं होता है तो उसके ससुरालीजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी अजयपाल सिंह ने बताया कि शाजिया मेरे पास दो महिलाओं के साथ आई थी। परिवार में कोई नहीं होने की बात पर मैंने नारी निकेतन मथुरा जाने को कहा तो उसने इंकार कर दिया। उसे काउंसलर के साथ महिला थाने भिजवा दिया था।
वहीं एसएसपी अजय कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में है। शासन की ओर से कोई दिशा निर्देश भी नहीं आए हैं। शाजिया ने कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया है। यदि पीड़िता तहरीर अथवा मुझे प्रार्थना पत्र देती है तो आरोपी पति और उसके परिवारीजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कराई जाएगी।
इधर महिला थाना की इंस्पेक्टर गीता सिंह ने बताया कि पीड़िता ने प्रार्थना पत्र दिया है। उसने मेहर की रकम और अपने सामान को वापस दिलाने की मांग की है। मुकदमा लड़ने के लिए पीड़िता के पास पैसे नहीं है। उसकी मदद करने को भी कोई नहीं है। पीड़िता ने समझौता कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। समझौता नहीं होता है तो उसके ससुरालीजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।