फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Sewage being discharged in Ishan river due to sewage treatment plant stalled in agra

Mainpuri : गंगा कैसे होगी साफ, जब ईशन नदी में बहाया जा रहा सीवेज, एसटीपी महीनों से पड़ा ठप

Mon, 01 Aug 2022 10:25 AM IST
आगरा ब्यूरो ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला मैनपुरी
ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला मैनपुरी Published by: आगरा ब्यूरो Updated Mon, 01 Aug 2022 10:25 AM IST
सार

ईशन नदी के माध्यम से सीवेज गंगा में जा रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि मैनपुरी में सीवेज शोधन के लिए बना एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) महीनों से ठप पड़ा हुआ है।

विज्ञापन
Sewage being discharged in Ishan river due to sewage treatment plant stalled in agra
एसटीपी महीनों से ठप पड़ा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगा को साफ करने का जो सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देखा है, उसमें ईशन नदी राह का रोड़ा है। मैनपुरी जिले से होकर बहने वाली गंगा की सहायक नदी ईशन में सीधे सीवेज बहाया जा रहा है। ये सीवेज ईशन के माध्यम से गंगा में जा रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि सीवेज शोधन के लिए बना एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) महीनों से ठप पड़ा हुआ है। शहर से आने वाला सीवेज नाले के सहारे सीधे ईशन नदी में बहाया जा रहा है।

विज्ञापन

 
शहर के पॉवर हाउस रोड स्थित जल निगम कार्यालय परिसर में लगा (एसटीपी) बंद हो गया है। उपकरणों के खराब होने और संचालन के लिए कर्मचारी न होने से कार्य ठप है। इसके चलते घरों से निकलने वाला सीवेज बिना शोधन के ही ईशन नदी में बहाया जा रहा है। तीन साल एसटीपी का संचालन करने वाली कंपनी के भाग जाने पर जल निगम और फिर नगर पालिका व जल निगम ने संयुक्त रूप से इसका किया पर बात नहीं बन सकी। चार माह से प्लांट बंद पड़ा है। 
विज्ञापन


प्लांट पर प्रतिदिन लगभग पांच से छह लाख लीटर सीवेज का शोधन किया जाता था। यह सीवेज अब बिना शोधित किए ईशन नदी में बहाया जा रहा है। इससे गंगा नदी दूषित हो रही है। शहर से होकर बहने वाली ईशन गंगा की ही सहायक नदी है। ये कानपुर जिले के बिल्हौर के आगे गंगा में मिल जाती है। ऐसे में जब ये सीवेज ईशन से बहता हुआ गंगा में पहुंकर उसे भी दूषित कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

कई मशीनें भी हुईं खराब 

सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में कचरा निस्तारण समेत अन्य कार्यों के लिए मशीनें लगी हुई हैं। वर्तमान में अधिकांश मोटर व उपकरण खराब हो चुके हैं। इससे प्लांट का संचालन मुश्किल है। इसके लिए इन मशीनों की मरम्मत करानी होगी।

14 साल पहले हुआ था निर्माण

शासन द्वारा वर्ष 2008 में एसटीपी का निर्माण कराया गया था। इसी के साथ शहर में सीवर लाइन डालने का काम भी किया गया था। प्लांट जल निगम को हैंडओवर कर दिया गया था तो वहीं सीवर लाइन नगर पालिका को हैंडओवर कर दी गई थी। इस एसटीपी की क्षमता 23 मिलियन लीटर प्रतिदिन है।

फिरोजाबाद के अधीन है प्लांट

प्रभारी अधिशासी अभियंता जल निगम अंकित यादव ने बताया कि जल निगम को दो भागों में बांट दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र मैनपुरी जल निगम के अधीन है तो वहीं शहरी क्षेत्र फिरोजाबाद के अधीन है। एसटीपी शहरी क्षेत्र का हिस्सा है, इसलिए अब इसके संचालन का जिम्मा फिरोजाबाद का है। फिरोजाबाद के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed