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मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं स्कूली वाहन
अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 08 Jul 2016 02:05 AM IST
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एसएमएस पब्लिक स्कूल के थे छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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स्कूली वैन, आटो और ई-रिक्शा के खिलाफ चलेगा अभियान
ज्यादातर स्कूली वैन का पंजीकरण तक नहीं
शहर में चल रहीं ज्यादातर स्कूली वैन में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद भी वैन चालकों ने नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसे स्कूली वाहन बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं। वहीं आटो और ई-रिक्शा भी स्कूली बच्चों को ढो रहे हैं। संभागीय परिवहन विभाग जल्द ही वैन और आटो चालकों के खिलाफ अभियान शुरू करेगा।
संभागीय परिवहन कार्यालय में लगभग 70 स्कूली वैन ही पंजीकृत हैं, जबकि शहर में 400 से ज्यादा वैन दौड़ रही हैं। ज्यादातर वैन स्कूली बच्चों को लाने ले जाने का काम कर रही हैं। अभी तक पंजीकृत वैनों के अलावा किसी वैन चालक ने नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसी स्कूली वाहनों में बच्चों को ढोना खतरे से खाली नहीं है। नियम है कि वैन चालक को स्कूली बच्चों के नाम, पते की लिस्ट भी गाड़ी में लगानी चाहिए। परमिट तभी पास होता है जबकि ये लिस्ट संलग्न होती है। काफी संख्या में आटो और ई रिक्शा भी स्कूलों में लगे हुए हैं। परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक आटो और ई रिक्शा स्कूलों में नहीं लगाए जाने चाहिए। शहर में डेढ़ सौ से अधिक आटो स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने का काम कर रहे हैं। एआरटीओ (प्रशासन) ओमप्रकाश का कहना है कि जल्द ही नियमों के विपरीत चलाए जा रहे स्कूली वाहन, वे चाहे वैन हों या फिर आटो, सभी के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। गाड़ियां सीज करके कार्रवाई होगी।
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ज्यादातर स्कूली वैन का पंजीकरण तक नहीं
शहर में चल रहीं ज्यादातर स्कूली वैन में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद भी वैन चालकों ने नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसे स्कूली वाहन बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं। वहीं आटो और ई-रिक्शा भी स्कूली बच्चों को ढो रहे हैं। संभागीय परिवहन विभाग जल्द ही वैन और आटो चालकों के खिलाफ अभियान शुरू करेगा।
संभागीय परिवहन कार्यालय में लगभग 70 स्कूली वैन ही पंजीकृत हैं, जबकि शहर में 400 से ज्यादा वैन दौड़ रही हैं। ज्यादातर वैन स्कूली बच्चों को लाने ले जाने का काम कर रही हैं। अभी तक पंजीकृत वैनों के अलावा किसी वैन चालक ने नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसी स्कूली वाहनों में बच्चों को ढोना खतरे से खाली नहीं है। नियम है कि वैन चालक को स्कूली बच्चों के नाम, पते की लिस्ट भी गाड़ी में लगानी चाहिए। परमिट तभी पास होता है जबकि ये लिस्ट संलग्न होती है। काफी संख्या में आटो और ई रिक्शा भी स्कूलों में लगे हुए हैं। परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक आटो और ई रिक्शा स्कूलों में नहीं लगाए जाने चाहिए। शहर में डेढ़ सौ से अधिक आटो स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने का काम कर रहे हैं। एआरटीओ (प्रशासन) ओमप्रकाश का कहना है कि जल्द ही नियमों के विपरीत चलाए जा रहे स्कूली वाहन, वे चाहे वैन हों या फिर आटो, सभी के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। गाड़ियां सीज करके कार्रवाई होगी।
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